मोहे पी की नजरिया मार गयी -अमीर खुसरो

     


यह बहुत ही सुंदर गीत है।


    साजन हम तुम एक है केहन सुनन को दो

साजन हम तुम एक है

साजन हम तुम एक है कहल सुलल को दो

बल से बल को तोलिये सो दो मैं कभी न हो


कहु कैसे सखि मोहे लाज लगे

कहु कैसे सखि मोहे लाज लगे

मोहे पी की नजरिया मार गयी

कहु कैसे सखि मोहे

कहु कैसे सखि मोहे लाज लगे

कहु कैसे सखि मोहे लाज लगे

कहु कैसे सखि

कहु कैसे सखि मोहे लाज लगे

मोहे पी की नजरिया मार गयी

मैंने लाज का घूंघट खोल दिया

मैंने लाज का घूंघट खोल दिया

पिया जीत गए मैं हार गयी

मैंने लाज का घूंघट खोल दिया

पिया जीत गए मैं हार गयी

अरे अब आओ पिया आ भी जाओ

आओ पिया पिया ा

आओ पिया पिया ा

पिया पिया पिया पिया

अब आओ पिया अब ाओ पिया जी

अब आओ पिया

आ भी जाओ सुन्दर मुखड़ा दिखला जाओ

क्यों अपनी दासी से रूठे हो

क्यों अपनी दासी से रूठे हो

मैं तोह राह ताक़त तोहरी हार गयी


है

दिन रात तोरा देखु सपना

मोरी प्रीत की लाज पिया रखना

मोरा सब कुछ तुम ही तोह हो सजाना

मोरा सब कुछ तुम ही तोह हो सजाना

मैं तोह जीवन अपना वार गयी

मोरा सब कुछ तुम ही तोह हो सजाना

कहु कैसे सखि मोहे लाज लगे

मोहे पी की नजरिया मार गयी.

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