दलाली की भी एक सीमा होती है: जदयू के नाम बदलने की चर्चा और नीतीश कुमार की राजनीतिक विडंबना।
"वाए नाकामी मता-ए-कारवां जाता रहा / कारवां के दिल से अहसास-ए-ज़ियां जाता रहा।" — अल्लामा इक़बाल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का नाम अगर कोई कहे कि 'जनता दल (लालू)' कर दिया जाए, तो वैसा प्रस्ताव रखने वाले के साथ बाकी लोग क्या करेंगे, मुझे नहीं मालूम; पर पूर्णतः अहिंसा में गहरा यक़ीन रखने वाला व्यक्ति मैं न चाहते हुए भी अपने जूते की तरफ़ देखने लगूंगा! दलाली की भी एक सीमा होती है! शरद यादव नीत जनता दल में महान समाजवादी नेता रामकृष्ण हेगड़े नीत लोकशक्ति और जॉर्ज फ़र्नांडिस नीत समता पार्टी का क्रमशः विलय हुआ था, और तब जाकर 2003 में नयी पार्टी के रूप में उसका नाम जनता दल (यूनाइटेड) हुआ। जॉर्ज फ़र्नांडिस उसके पहले अध्यक्ष और जहां तक ध्यान आता है शरद यादव पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष हुए। 2006 में शरद जी जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष हुए और 2016 तक लगातार तीन बार और अब तक उस पार्टी के सर्वाधिक समय (10 साल) तक अध्यक्ष रहने वाले व्यक्ति हैं। परिस्थितियों के मुख्यमंत्री और वैचारिक विचलन अगर शरद जी ने समता पार्टी का विलय जनता दल में नहीं किया होता, तो न नीतीश कुमार म...