संकल्प की सिंदूरी आभा: फुलवारीशरीफ की बिटिया का आकाश छूता गौरव! -प्रो प्रसिद्ध कुमार.
(तस्वीर में मेरे साथ प्रिया के माता पिता व दादा जी हैं) कहते हैं कि जब इरादों में फौलाद की मजबूती और लक्ष्य में आईने जैसी स्पष्टता हो, तो समय का अभाव भी मार्ग की बाधा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व को निखारने वाली सान बन जाता है। मेरे पड़ोसी गाँव की लाडली और मेरे अभिन्न मित्र की पौत्री प्रिया कुमारी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में 232वीं रैंक प्राप्त कर केवल एक परीक्षा ही उत्तीर्ण नहीं की, बल्कि मध्यमवर्गीय सपनों को एक नया आकाश दे दिया है। संघर्ष की धूप में खिला सफलता का कमल प्रिया का यह सफर किसी तपस्या से कम नहीं रहा। 2021 से एक निजी कंपनी में नौकरी करते हुए, फाइलों के बोझ और कॉर्पोरेट जगत की आपाधापी के बीच उसने अपनी एकाग्रता का दीया जलाए रखा। बिना किसी भव्य कोचिंग संस्थान के, केवल स्वाध्याय और अडिग इच्छाशक्ति के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा को जीत लेना, आधुनिक युग के एकलव्य जैसा उदाहरण है। उसकी मेधा की चमक पुरानी है; 2021 में ही उसने कंपनी सेक्रेटरी (CS) की परीक्षा में पूरे देश में 21वां स्थान पाकर अपनी प्रतिभा की मुनादी कर दी थी। संस्कारों की विरासत और स्मृतियों के गलियारे प्रि...