बांकीपुर उप-चुनाव: बीजेपी का अभेद्य किला या सियासी बदलाव की दस्तक? -प्रो प्रसिद्ध कुमार का विश्लेषण।
जन सुराज के प्रशांत किशोर , राजद के रेखा गुप्ता या भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा! पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक सबसे मजबूत शहरी गढ़ रहा है। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर होने वाला उप-चुनाव साधारण मुकाबला न होकर बिहार की बदलती राजनीति का लिटमस टेस्ट बन गया है। एक तरफ बीजेपी का स्थापित कैडर और शहरी वोट बैंक है, तो दूसरी तरफ जन सुराज के प्रशांत किशोर की चुनावी एंट्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का नया जातीय-सामाजिक समीकरण है। आइए, इन सभी मुद्दों और परिस्थितियों का राजनीतिक विश्लेषण करते हैं। 1. भाजपा के खिलाफ बने मुद्दे: हवा या वास्तविक प्रभाव? भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: प्रशांत किशोर और विपक्ष ने इस मुद्दे को सीधे बीजेपी के कोर 'सवर्ण' (विशेषकर ब्राह्मण-भूमिहार) वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए हथियार बनाया है। शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बने इस माहौल ने बीजेपी को रक्षात्मक (defensive) रुख अपनाने पर मजबूर किया है। नीट पेपर लीक और यूजीसी (UGC) नियमन विवाद: बांकीपुर क्षेत्र में...