मोदी के 'पांच मंत्र': आर्थिक दूरदर्शिता या गहरे संकट की आहट?
जल्द ही पेट्रोलियम उत्पादों पर दाम बढ़ेंगे. मई 2026 में तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पांच विशेष आग्रह किए: सोना न खरीदना, विदेशी यात्रा टालना, वर्क फ्रॉम होम (WFH) अपनाना, डिजिटल मीटिंग्स करना और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना। सरकारी पक्ष इसे वैश्विक अस्थिरता के बीच एक "एहतियाती कदम" बता रहा है, लेकिन यदि इसकी गहराई से पड़ताल की जाए, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। 1. चुनाव के बाद 'सत्य' का प्रकटीकरण? हाल के पांच राज्यों के चुनावों तक सरकार ने अर्थव्यवस्था की गुलाबी तस्वीर पेश की। चुनावों के दौरान महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार के दबाव को चुनावी विमर्श से बाहर रखा गया। जैसे ही चुनावी चक्र समाप्त हुआ, जनता को "त्याग" करने की सलाह दी जाने लगी। यह पैटर्न दर्शाता है कि राजनीतिक लाभ के लिए आर्थिक आंकड़ों या भविष्यवाणियों को दबाकर रखा गया, जो लोकतांत्रिक पारदर्शिता पर सवालिया निशान है। 2. विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव (Foreign Exchange Crisis) प्रधानमंत्री का सोना न खरीदने और विदेशी यात्रा...