पी.वी. नरसिंह राव: आधुनिक भारत के आर्थिक शिल्पकार ।
भारतीय राजनीति के इतिहास में पी.वी. नरसिंह राव का नाम एक ऐसे दूरदर्शी राजनेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने न केवल एक कठिन दौर में देश का नेतृत्व किया, बल्कि भारत की आर्थिक दिशा को मौलिक रूप से बदल दिया। वे भारत के नौवें प्रधानमंत्री थे और इस सर्वोच्च पद को संभालने वाले पहले तेलुगु भाषी नेता थे। आर्थिक सुधार: एक साहसी पहल राव का सबसे महत्वपूर्ण योगदान 1991 में आया, जब भारत अपने स्वतंत्रता के बाद के इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। उस चुनौतीपूर्ण समय में, जब देश वित्तीय पतन की कगार पर था, राव ने अदम्य साहस और राजनीतिक दूरदर्शिता का परिचय दिया। लाइसेंस राज का अंत: उन्होंने दशकों से चले आ रहे प्रतिबंधात्मक 'लाइसेंस राज' को ध्वस्त किया, जो भारतीय उद्यमशीलता की राह में सबसे बड़ी बाधा था। वैश्वीकरण और उदारीकरण: वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ मिलकर, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के द्वार वैश्विक निवेश के लिए खोले। यह एक ऐतिहासिक बदलाव था जिसने भारत को एक बंद अर्थव्यवस्था से बदलकर एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक शक्ति की ओर अग्रसर किया। दीर्घकालिक विकास की नीं...