बांकीपुर का अभेद्य किला ढहा ! सवर्णों, प्रबुद्ध वर्ग और 'Gen Z' की नई पसंद P K. - प्रो प्रसिद्ध कुमार।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सीएम सम्राट चौधरी की साख दांव पर। बिहार की राजनीति में पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट का परिणाम एक बड़ा मोड़ साबित हुआ है। इसे भारतीय जनता पार्टी का अभेद्य गढ़ माना जाता था, जहाँ पार्टी की कद्दावर उपस्थिति और सत्ता की पूरी ताकत दांव पर लगी थी। लेकिन इस बार के नतीजों ने परंपरागत राजनीतिक समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। सत्ता बल, स्टार प्रचारक और जनता का फैसला चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। सत्ता पक्ष की ओर से मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और स्टार प्रचारकों की पूरी फौज मैदान में उतारी गई थी। इसके बावजूद, बांकीपुर की जागरूक जनता ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि केवल स्टार प्रचारकों, भीड़ जुटाने वाले भड़कीले आयोजनों या कागजी दावों के भरोसे चुनाव नहीं जीता जा सकता। जनता अब जमीनी मुद्दों, जवाबदेही और कार्यशैली का मूल्यांकन कर रही है। बांकीपुर के नतीजे और वोट का गणित इस सीट पर वोट प्रतिशत और मतों का अंतर क्षेत्र के बदलते मिजाज को स्पष्ट रूप से बयां करता है: कुल मतदान प्रतिशत: बांकीपुर सीट पर कुल 34.30% मतदान...