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शिक्षा ऋण में बड़े बदलाव की ओर कदम: अब पृष्ठभूमि नहीं, योग्यता बनेगी आधार!

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    10 दिनों के भीतर आवेदनों को स्वीकृत करना होगा, साधारण स्नातक को भी मिलेगी ऋण, सरकार बनेगी ग्रांटेर्।  भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय देश में शिक्षा ऋण (Student Loans) की वितरण राशि को दोगुना करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहे हैं। इस प्रस्तावित रूपरेखा के तहत, बड़े ऋणों के लिए सरकार खुद गारंटर के रूप में कार्य करेगी। इससे विद्यार्थियों के माता-पिता को संपत्ति गिरवी रखने या उच्च आय प्रमाण प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, ब्याज दरों की अधिकतम सीमा तय की जाएगी, विभिन्न विविध शुल्कों को माफ किया जाएगा और बैंकों को सीधे कैंपस ड्राइव के माध्यम से 10 दिनों के भीतर आवेदनों को स्वीकृत करने के निर्देश दिए जाएंगे। वर्षों से शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया किसी जोखिम भरे बंधक (Mortgage) के लिए आवेदन करने जैसी रही है। बैंक अक्सर बड़ी राशि के ऋणों के लिए भारी जमानत (Collateral) की मांग करते थे, जिससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार वंचित रह जाते थे। इसके अलावा, बैंक केवल प्रमुख इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों को प्राथमिकता ...

खगौल में 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कला उत्सव सम्पन्न: दो दिनों तक सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा पीएम केंद्रीय विद्यालय परिसर।

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पीएम केंद्रीय विद्यालय, खगौल में आयोजित दो दिवसीय 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कला उत्सव और सांस्कृतिक समागम का शुक्रवार को भव्य समापन हो गया। इन दो दिनों के दौरान पूरा विद्यालय परिसर छात्र-छात्राओं की प्रतिभा, उत्साह और सांस्कृतिक छटा से गुलजार रहा। पटना संभाग के युवाओं ने दिखाई सांस्कृतिक विविधता संकुल स्तरीय इस प्रतियोगिता में पटना संभाग के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, नाटक, एकल अभिनय, चित्रकला, मूर्तिकला और कई बौद्धिक प्रतियोगिताओं में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया और वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। कला और संस्कृति से ही बनेगा श्रेष्ठ भारत समापन अवसर पर अपने संबोधन में विद्यालय की प्राचार्या स्निग्धा आनंद ने कहा कि इस तरह के आयोजन देश की सांस्कृतिक विविधताओं को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं। ये युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत करते हैं और भारत को 'श्रेष्ठ भारत' बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते...

शिवचरण गुप्ता के अंतिम संस्कार में तीनों बेटियाँ भी नहीं आ सकी।

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   काँच की चूड़ियाँ और 5100 का ट्रांसफर !  सोनीपत के ककरोई गाँव का 'आनंदाश्रम' वृद्धाश्रम उस शाम पूरी तरह शांत था। कमरा नंबर 12 में रखी वो पुरानी लोहे की ट्रंक, जिसे शिवचरण गुप्ता जी हमेशा अपने पास रखते थे, आज पहली बार खुली पड़ी थी। उसी ट्रंक के एक कोने में ढेरों पुरानी तस्वीरें और कुछ लाल-हरी काँच की टूटी चूड़ियाँ रखी थीं। शिवचरण जी अब उस कमरे में नहीं थे। मंगलवार की सुबह उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली थी। एक समय था जब मुंबई के बड़ा बाज़ार में शिवचरण गुप्ता का नाम कपड़ा कारोबार की दुनिया में इज़्ज़त से लिया जाता था। करोड़ों का टर्नओवर, बड़ा मकान और हाथ जोड़कर खड़े रहने वाले दर्जनों मुलाज़िम। लेकिन उनके जीवन की सबसे बड़ी पूँजी उनका कारोबार नहीं, बल्कि उनकी तीन बेटियाँ थीं। "बेटियों को पढ़ाओगे तो वे पराया धन बन जाएँगी," लोग कहते थे। पर शिवचरण जी मुस्कुरा कर जवाब देते, "मेरी बेटियां मेरी नींव हैं, मेरी ताकत हैं।" उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेटियों की पढ़ाई पर लगा दिया। तीनों को पढ़ा-लिखाकर शिक्षिका बनाया—ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें, स्वाभिमानी बन सकें।...

सफलता का दिव्य सूत्र: विनम्रता और अदम्य इच्छाशक्ति !

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  जीवन के इस अरण्य में, हर कोई सफलता का 'तिलिस्म' (चमत्कार या कुंजी) खोज रहा है। हम अक्सर इसे भौतिक संसाधनों, बाहरी सहायकों, या केवल भाग्य में तलाशते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि असली जादू कहाँ छिपा है? अदब (विनम्रता) और इच्छाशक्ति।  "किसी भी अशिष्ट से तिलिस्म की आशा करना व्यर्थ ही है।" जो व्यक्ति अशिष्ट है, जिसमें अहंकार, रूखापन और दूसरों के प्रति सम्मान का अभाव है, उससे आप किसी बड़े परिवर्तन या सफलता की उम्मीद नहीं कर सकते। अहंकार एक ऐसा पर्दा है जो हमें अपनी कमियों को देखने से रोकता है। एक अशिष्ट व्यक्ति सीखने के लिए तैयार नहीं होता, क्योंकि उसे लगता है कि वह सब कुछ जानता है। जहाँ ज्ञान ग्रहण करने की क्षमता नहीं है, वहाँ कोई चमत्कार, कोई 'तिलिस्म' नहीं हो सकता।  "कहा भी गया है कि जो बे-अदब (असभ्य) है और उसमें इच्छाशक्ति भी नहीं है तो वह बे-नसीब ही रहेगा।" यदि किसी व्यक्ति में न तो अच्छा चरित्र है (विनम्रता) और न ही किसी लक्ष्य को पाने का दृढ़ संकल्प (इच्छाशक्ति), तो वह अनिवार्य रूप से 'बे-नसीब' (अभागा) ही रहेगा। उसका भाग्य कभी उदय नही...

डिजिटल अरेस्ट' और साइबर ठगी का विदेशी जाल: चुनौतियाँ और समाधान!

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  यह आलेख सभी को पढ़ना चाहिए।  सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बावजूद विदेशों से संचालित साइबर अपराध नेटवर्क भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। भारत में डिजिटल तकनीक और वित्तीय समावेश के विस्तार के साथ-साथ 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। हालांकि, हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशानिर्देश और साइबर सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता इस दिशा में एक राहत भरी खबर लेकर आई है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है: वर्ष 2024 में साइबर ठगी की 1,23,672 शिकायतें दर्ज की गई थीं। वर्ष 2025 में यह घटकर 58,249 रह गईं। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में यह आंकड़ा 16,377 पर आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन आंकड़ों को "उत्साहजनक" बताते हुए भी यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। साइबर ठगी के खिलाफ तंत्र को मजबूत करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में कई अहम निर्देश जार...

जे.एन.एल कॉलेज खगौल में एनईपी 2020 और भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेष व्याख्यान आयोजित।

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जे.एन.एल कॉलेज खगौल में दर्शनशास्त्र विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विशिष्ट व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की प्राचार्या एवं कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रो. मधु प्रभा सिंह और आमंत्रित मुख्य वक्ता द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद प्राचार्या महोदया ने मुख्य वक्ता को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। वक्ताओं के मुख्य बिंदु प्राचार्या प्रो. मधु प्रभा सिंह (अध्यक्षीय संबोधन): "एनईपी 2020 केवल आधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को उनकी जड़ों से जोड़कर राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत करती है।" डॉ. अनुप पति तिवारी (मुख्य वक्ता - गया कॉलेज गयाजी, मगध विश्वविद्यालय): राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारत के बौद्धिक पुनर्जा...

नशा-मुक्त युवा से ही संभव है विकसित भारत का निर्माण: राम लखन सिंह यादव कॉलेज में आयोजित हुआ विशाल जागरूकता जुलूस!

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    पटना, 05 अगस्त 2026:  पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार आज राम लखन सिंह यादव कॉलेज, अनिसाबाद, पटना-2 के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा "नशा-मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" विषय पर एक विशेष जागरूकता अभियान एवं भव्य जुलूस का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज प्रांगण में राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके पश्चात प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की भारी उपस्थिति के साथ कॉलेज प्रांगण से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली कॉलेज परिसर से प्रारंभ होकर अनिसाबाद गोलंबर तथा चितकोहरा गोलंबर होते हुए पुनः कॉलेज प्रांगण लौटकर संपन्न हुई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने नशा-मुक्त समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण से जुड़े नारों के माध्यम से जन-सामान्य को जागरूक किया। कार्यक्रम के समापन सत्र में NSS के कॉर्डिनेटर प्रो. प्रसिद्ध कुमार के नेतृत्व में उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने समाज को नशा-मुक्त बनाने और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लेते हुए शपथ-पत्र पढ़ा। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद ...