हृदय सम्राट और बेबाक वक्ता: प्रो. डॉ. अजय कुमार—संघर्ष, ईमानदारी और शिक्षकों के सच्चे मसीहा ! -प्रो प्रसिद्ध कुमार।
राजनीतिक समीकरणों और सत्ता की पैंतरेबाज़ी के बीच कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने कर्म, निष्ठा और संवेदनशीलता के कारण इतिहास के पन्नों में नहीं, बल्कि सीधे लोगों के दिलों में बस जाते हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार और पटना कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस के गणित विभाग के अध्यक्ष (HOD) प्रो. डॉ. अजय कुमार आज ऐसे ही एक अनूठे जननायक के रूप में शिक्षकों के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। अध्यापन से जनसेवा तक का प्रेरणास्पद सफर एक उच्च विद्यालय के शिक्षक से लेकर कॉलेज के प्रोफेसर तक का उनका यह सफर उनकी अदम्य जिजीविषा, कड़ी मेहनत और अथक लगन की जीवंत दास्तान है। यह यात्रा साबित करती है कि यदि इरादे बुलंद हों और ईमानदारी आभूषण हो, तो सफलता की कोई सीमा नहीं होती। आत्मीय लगाव और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा प्रो. अजय कुमार का शिक्षकों के प्रति आत्मीय लगाव और सम्मान दुर्लभ है। परीक्षा केंद्रों पर मूल्यांकन के दौरान अक्सर शिक्षकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ता है। ऐसे में, जब वे परीक्षा नियंत्रक के पद पर थे, तो उन्होंने व्यवस्था की इस कमी को अपनी जिम्मे...