निष्पक्ष पत्रकारिता की प्रयोगशाला 'पटना' और कुलदीप नैयर: एक प्रेरणादायक संस्मरण !-लेखक: प्रो. प्रसिद्ध कुमार।
दिनांक: 14 अगस्त प्रसिद्ध पत्रकार, लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता कुलदीप नैयर साहब का पटना से एक बेहद गहरा और भावनात्मक रिश्ता रहा है। 14 अगस्त 1923 को सियालकोट (अब पाकिस्तान में) जन्मे नैयर साहब के जन्मदिन के अवसर पर, उनसे जुड़ी कुछ बेहद ख़ास यादें और किस्से मेरे ज़हन में तरोताज़ा हो उठते हैं। जब इतिहास के पन्नों से रूबरू हुआ तारा मंडल का सभागार साल 2008 की बात है। पटना के तारा मंडल सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। उस समय मैं एक टीवी चैनल के पत्रकार के रूप में वहाँ शामिल हुआ था। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कोई और नहीं, बल्कि आदरणीय कुलदीप नैयर साहेब ही थे। उनके साथ मंच पर बीबीसी के मणिकांत ठाकुर जी और देश-प्रदेश के कई वरिष्ठ लेखक व पत्रकार भी मौजूद थे। उस दिन कुलदीप नैयर जी ने अपने जीवन के कई अनमोल संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे 30 जनवरी 1948 को जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब उन्होंने उस ऐतिहासिक घटना की रिपोर्टिंग की थी। उनकी वह रिपोर्टिंग इतनी जीवंत, निष्पक्ष और प्रभावशाली थी कि पूरे देश में उसकी चर्चा होने लगी। सही मायनों में, उसी रिपोर्टिंग क...