CBSE के सिस्टम को हिलाने वाले 3 'जीनियस' छात्र: ट्रोलिंग से सच्चाई की जीत तक!
यह कहानी है वेदांत श्रीवास्तव, निसर्ग अधिकारी और सार्थक सिद्धांत की. अक्सर 'जेन जेड' (Gen Z) को सोशल मीडिया पर रील बनाने और ध्यान भटकाने वाली पीढ़ी माना जाता है। लेकिन भारत के तीन किशोरों ने यह साबित कर दिया कि जब सही दिशा मिले, तो यही पीढ़ी बड़े-बड़े सिस्टम की खामियों को उजागर कर सकती है। यह कहानी है वेदांत श्रीवास्तव, निसर्ग अधिकारी और सार्थक सिद्धांत की, जिन्होंने अकेले अपने दम पर देश के सबसे बड़े परीक्षा बोर्ड, CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) के 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम की गंभीर खामियों को दुनिया के सामने ला दिया। जब सच बोलने पर मिला 'एंटी-नेशनल' का टैग कहानी की शुरुआत हुई 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव से। जब उन्होंने री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए अप्लाई किया, तो उनके पोर्टल पर उनके बजाय किसी अनजान छात्र की उत्तर-पुस्तिका दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने इस गड़बड़ी को सोशल मीडिया (X) पर उठाया, तो मदद मिलने के बजाय उन्हें भयानक ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। लोगों ने उन्हें 'देशद्रोही', 'पाकिस्तानी' तक कह डाला औ...