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लीबिया में तिरंगा लहराकर तीन भारतीयों ने रचा इतिहास: बनाया 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड'।

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   संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहने वाले तीन भारतीय स्काईडाइवर्स ने लीबिया में 13,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया और भारत का मान बढ़ाया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का विवरण निम्नलिखित मुख्य तथ्यों में दिया गया है: मुख्य तथ्य और विशेषताएं स्थान और तिथि: यह रिकॉर्ड-तोड़ आयोजन 7 अगस्त को लीबिया में आयोजित किया गया था। विश्व रिकॉर्ड में भागीदारी: तीनों भारतीय उन 65 अंतरराष्ट्रीय स्काईडाइवर्स का हिस्सा थे, जिन्होंने 13,000 फीट की ऊंचाई पर विमान से छलांग लगाकर और राष्ट्रीय ध्वज फहराकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया। तीन भारतीय प्रतिभागी: इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा लेने वाले एकमात्र तीन भारतीय थे: जमशीर थनालोट: कन्नूर, केरल अभिषेक रावत: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश ईशा राज: पटना, बिहार। 

SC/ST आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' लागू करने पर केंद्र सरकार का रुख और कानूनी पहलू।

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  हाल ही में उच्चतम न्यायालय में दायर याचिकाओं के जवाब में केंद्र सरकार ने अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' (समृद्ध वर्ग) को बाहर करने की अवधारणा का स्पष्ट विरोध किया है। सरकार का तर्क है कि SC/ST श्रेणियों के भीतर क्रीमी लेयर लागू करने से कुछ समुदायों या व्यक्तियों को आरक्षण के लाभ से पूरी तरह वंचित होना पड़ेगा, और ऐसा करने का अधिकार केवल संसद के पास है, न्यायपालिका के पास नहीं। अगस्त 2024 का ऐतिहासिक फैसला (दविंदर सिंह मामला): उच्चतम न्यायालय की सात जजों की संविधान पीठ ने राज्यों को SC और ST सूचियों के भीतर उप-वर्गीकरण (sub-categorisation) करने की अनुमति दी थी, ताकि आरक्षण का लाभ सबसे वंचित समुदायों तक पहुँच सके। क्रीमी लेयर की टिप्पणी: इसी निर्णय में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी.आर. गवई ने टिप्पणी की थी कि SC/ST श्रेणियों के भीतर भी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की तरह 'क्रीमी लेयर' की अवधारणा लागू करने पर सरकार को विचार करना चाहिए, ताकि एक ही वर्ग के भीतर संपन्न लोग आरक्षण के लाभों पर हावी न हों। इस टिप्पणी के बाद देश भर में SC/S...

उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय भगवानपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस! -प्रो प्रसिद्ध कुमार।

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  प्रखंड: रजौली | जिला: नवादा (बिहार) दिनांक: 15 अगस्त 2026 देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवादा जिला अंतर्गत रजौली प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, भगवानपुर में ध्वजारोहण सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत धूमधाम और देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। झंडारोहण और मंच संचालन स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सरोज यादव द्वारा विधिवत झंडारोहण (ध्वजारोहण) किया गया। इसके पश्चात आयोजित समारोह के मंच का सफल और प्रभावकारी संचालन 12वीं कक्षा की छात्रा सोनाली सालेम द्वारा डॉ. आनंद कुमार यादव (शिक्षक) की देखरेख एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की: मुख्य अतिथि: राजेन्द्र राय (कवि/लेखक) उपस्थित रहे और मंच को सुशोभित किया। विशेष आमंत्रित अतिथि: गौतम कुमार पांडे एवं रुस्तम अली (अली) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विशेष योगदान स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इस पूरे आयो...

मुझको अपने बैंक का किताब दीजिए (हिसाब दीजिए) -लेखिका/गीतकार: साक्षी दुबे ।

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  मुझको अपने बैंक का किताब दीजिए, देश की तबाही का हिसाब दीजिए। युवा सारे देश के सड़क पर आ गये, नीट पेपर लीक पर तुम चुप्पी खा गये। भगवान को भी लूट कर ठेंगा दिखा गये, जनता करे मांग तो जवाब दीजिए, मुझको अपने बैंक  का किताब दीजिए। आजाद हर आवाज को ये शेर कह गये, इंसाफ मांगे इनसे में देशद्रोह कह गये। जलते मणिपुर का भी इलाज कीजिए, मुझको अपने बैंक का किताब दीजिए... मंदिरों के नाम पर तुम वोट ले गये, उसिका चन्दा, रोजगार और रोड ले गये। तुम्हारे दोस्त देश बेच के करोड लेगये, धर्म के ठेकेदार इन्साफ कीजिए, देश कि तबाही का हिसाब दीजिए। संदर्भ (शॉर्ट आलेख) युवा आक्रोश और 'जेन जी' का विरोध-गीत साक्षी दुबे द्वारा लिखित और गाया गया यह गीत 'जेन जी' (Gen Z) यानी आज की युवा पीढ़ी के सामाजिक-राजनीतिक आक्रोश की एक सशक्त आवाज़ बनकर उभरा है। सोशल मीडिया (जैसे रील्स, यूट्यूब और एक्स) पर यह गीत काफी वायरल हुआ है। इस आलेख और गीत का मुख्य संदर्भ देश के ज्वलंत मुद्दों से जुड़ा है: पेपर लीक और बेरोजगारी: नीट (NEET) जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक होने के कारण लाखों अभ्यर्थियों क...

फुलवारी विधानसभा के कई दलित टोलों में स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को बांटी गई कॉपी-कलम, RJD नेत्री खुशबू कुमारी ने बताया शिक्षा का महत्व।

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     पटना / फुलवारीशरीफ:  -प्रो प्रसिद्ध कुमार।   80 वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर फुलवारी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं दलित बस्तियों में बच्चों के बीच पठन-पाठन सामग्री (कॉपी एवं कलम) का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेत्री व SC/ST प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष खुशबू कुमारी यादव के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस मौके पर उनके साथ कुंदन कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह वितरण अभियान फुलवारी विधानसभा के अंतर्गत   कोर्रा , कोरजी , मंगलीचक , और सकड़ैचा  गांव के दलित टोलों में चलाया गया। स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच जब गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को कॉपी और कलम मिली, तो उनके चेहरों पर खुशी झलक उठी। महापुरुषों और वीरांगनाओं के योगदान को किया याद कार्यक्रम के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष खुशबू कुमारी यादव ने जीवन में शिक्षा के अमूल्य महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का सर्वांगीण विकास और सशक्तीक...

लहजे के रंग: संवाद, शब्द और संवेदना की कला।

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  "ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होय॥" वाणी और लहजे की मिठास न केवल सुनने वाले को सुहाती है, बल्कि खुद बोलने वाले के मन को भी असीम शांति प्रदान करती है।  लहजा: संवाद की आत्मा मानव समाज में भाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व, संस्कारों और उसकी मानसिक स्थिति का सच्चा दर्पण है। कई बार हम जो शब्द चुनते हैं, उससे कहीं अधिक मायने यह रखता है कि वे शब्द किस 'लहजे' (अंदाज-ए-बयां) में कहे गए हैं। यदि कोई बहुत अच्छी बात, तथ्य या सत्य भी सपाट, कड़वे या तल्ख लहजे में कही जाए, तो वह अपने आशय की अहमियत और मिठास खो देती है। इसके विपरीत, यदि किसी बात में आत्मीयता और मिठास घोली गई हो, तो वह बात सीधे सुनने वाले के हृदय में उतर जाती है।  जब हास्य और व्यंग्य में घुलते हैं शब्द दैनिक जीवन और बातचीत के दौरान कई ऐसे क्षण आते हैं जहाँ सहज लहजा और हास्यबोध वातावरण को हल्का व खुशनुमा बना देता है। संवाद में यह आत्मीयता और चुटीलापन एक बहुत ही स्वस्थ परंपरा है, बशर्ते कहने और सुनने वाले दोनों इसके मर्म को समझें। ☕ एक ज...

तिरंगे के रंग में रंगा पथ: देशभक्ति के ज्वार से गूंज उठा अनीसाबाद। - प्रो प्रसिद्ध कुमार।

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    15 अगस्त 2026 की एक देदीप्यमान दोपहर। राम लखन सिंह यादव कॉलेज का प्रांगण सुबह से ही एक अनोखी ऊर्जा और राष्ट्रीय स्वाभिमान के रंगों से सराबोर था। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के आह्वान पर आयोजित "हर घर तिरंगा - 2026" का यह महोत्सवी अवसर केवल एक सरकारी निर्देश भर नहीं था, बल्कि राम लखन सिंह यादव कॉलेज परिवार की आस्था और राष्ट्र-प्रेम का सजीव उत्सव बन गया था। पूर्वाह्न के ठीक 11:30 बजे, जब कॉलेज प्रांगण से इस भव्य तिरंगा यात्रा का शुभारंभ हुआ, तो संपूर्ण परिवेश 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के प्रकंपित जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। हाथों में विशालकाय राष्ट्रध्वज थामे, अनुशासित कतारों में सधे हुए कदमों से ताल मिलाते एनसीसी (NCC) कैडेट्स का शौर्य और उत्साह देखते ही बनता था। चिलचिलाती धूप और गगन से बरसती तपिश भी उन युवा रणबांकुरों के बुलंद जज्बे को तनिक भी डिगा न सकी। उनके कदम-ताल में राष्ट्रीय अनुशासन की जो अनुगूंज थी, उसने मार्ग पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में देशप्रेम का स्पंदन भर दिया। यह विजय यात्रा कॉलेज परिसर से नि...