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दलाली की भी एक सीमा होती है: जदयू के नाम बदलने की चर्चा और नीतीश कुमार की राजनीतिक विडंबना।

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    "वाए नाकामी मता-ए-कारवां जाता रहा / कारवां के दिल से अहसास-ए-ज़ियां जाता रहा।" — अल्लामा इक़बाल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का नाम अगर कोई कहे कि 'जनता दल (लालू)' कर दिया जाए, तो वैसा प्रस्ताव रखने वाले के साथ बाकी लोग क्या करेंगे, मुझे नहीं मालूम; पर पूर्णतः अहिंसा में गहरा यक़ीन रखने वाला व्यक्ति मैं न चाहते हुए भी अपने जूते की तरफ़ देखने लगूंगा! दलाली की भी एक सीमा होती है! शरद यादव नीत जनता दल में महान समाजवादी नेता रामकृष्ण हेगड़े नीत लोकशक्ति और जॉर्ज फ़र्नांडिस नीत समता पार्टी का क्रमशः विलय हुआ था, और तब जाकर 2003 में नयी पार्टी के रूप में उसका नाम जनता दल (यूनाइटेड) हुआ। जॉर्ज फ़र्नांडिस उसके पहले अध्यक्ष और जहां तक ध्यान आता है शरद यादव पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष हुए। 2006 में शरद जी जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष हुए और 2016 तक लगातार तीन बार और अब तक उस पार्टी के सर्वाधिक समय (10 साल) तक अध्यक्ष रहने वाले व्यक्ति हैं। परिस्थितियों के मुख्यमंत्री और वैचारिक विचलन अगर शरद जी ने समता पार्टी का विलय जनता दल में नहीं किया होता, तो न नीतीश कुमार म...

https://prasidhyadavviews.blogspot वैश्विक पटल पर चमकता डिजिटल हस्ताक्षर: 'Prasidh Yadav Views' की अनूठी सफलता और लोकप्रियता।

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     गहन और तार्किक विश्लेषण: यह ब्लॉग सतही बातों के बजाय तथ्यात्मक, गंभीर और वैचारिक विषयों पर गहराई से बात करता है। सटीक विषय-चयन: समसामयिक और ज्ञानवर्धक मुद्दों को बेहद सरल और प्रभावी भाषा में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। उत्कृष्ट तकनीकी सुगमता: क्रोम ब्राउज़र (4.21K व्यूज) और विंडोज/मैकिंटॉश जैसे उन्नत ऑपरेटिंग सिस्टम्स का व्यापक उपयोग यह साबित करता है कि यह हर आधुनिक डिवाइस पर आसानी से उपलब्ध है। . देशों का विवरण एवं विदेशों में अधिक पढ़े जाने के कारण: एनालिटिक्स डेटा के अनुसार इस ब्लॉग को भारत की तुलना में विदेशों में अभूतपूर्व सफलता मिल रही है: प्रमुख देश: जर्मनी (2.84K व्यूज) शीर्ष पर है, इसके बाद भारत (1.19K व्यूज), संयुक्त राज्य अमेरिका (324 व्यूज), तथा फ्रांस, ब्राजील, ताइवान, बेल्जियम और यूक्रेन जैसे देश शामिल हैं। विदेशों में अधिक पढ़े जाने के कारण: ग्लोबल विजन: इस ब्लॉग का वैचारिक दायरा और दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठकों की पसंद के अनुकूल है। विश्लेषणात्मक संस्कृति: विकसित देशों (जैसे जर्मनी और अमेरिका) में शोधपरक, बौद्धिक और वैचारिक लेख पढ़...

*नवोदित कलाकारों को अभिनय का गुर सिखा रहा ‘सूत्रधार’*

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    *युवा रंगकर्मी सीख रहे कला के गुर*  *नाट्य कार्यशाला में युवा रंगकर्मियों ने सीखी रंगमंच की बारीकियां*  खगौल। एक अच्छा रंगकर्मी वही होता है, जो मंच पर खुद को पूरी तरह पात्र में ढाल लेता है। नाट्य संस्था सूत्रधार द्वारा देवी स्थान, बड़ी खगौल स्थित सामुदायिक भवन में चल रही 30 दिवसीय रंगमंच कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय की बारीकी सिखाने के दौरान रंगमंच विशेषज्ञ नवाब आलम ने ये बात कही। वरिष्ठ निर्देशक नवाब आलम ने प्रतिभागियों को मंच संचालन, संवाद अदायगी, भाव-भंगिमा और रंगमंच की तकनीक की जानकारी दी। कार्यशाला संयोजक प्रो. प्रसिद्ध यादव ने रंगमंच के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि रंगमंच केवल कला नहीं, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता को भी निखारता है। उन्होंने नाटक की संरचना, संवाद लेखन और पात्र निर्माण पर भी संवाद किया। कार्यशाला में अमित रॉय, प्रियंका सिंह, कमल राज, अमन कुमार, हर्ष कुमार, गार्गी चौधरी, अनिशा, आसिफ हसन, सऊद आलम, लवकुश कुमार, अभिजीत कुमार सहित कई युवा रंगकर्मी भाग ले रहे हैं और अभिनय कौशल में सुधार कर रहे हैं। संस्था के महास...

आर. एल. एस. वाई. कॉलेज, अनीसाबाद में पठन-पाठन को पहली प्राथमिकता देने का निर्देश: विधायक संदीप सौरव।

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   पटना, 11 सितंबर 2026: आर. एल. एस. वाई. कॉलेज, अनीसाबाद, पटना के प्रांगण में आज महाविद्यालय परिवार की ओर से एक विशेष बधाई सह गेट-टुगेदर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मीना कुमारी की प्रोन्नति के शुभ अवसर पर किया गया। इस अवसर पर कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष सह पालीगंज विधायक कॉमरेड संदीप सौरव और सचिव डॉ. ब्रजभूषण प्रसाद सिंह ने कॉलेज का गहन अवलोकन किया और पठन-पाठन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। मुख्य बिंदु एवं निर्देश पठन-पाठन पहली प्राथमिकता: विधायक संदीप सौरव ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्राध्यापक पठन-पाठन को अपनी पहली प्राथमिकता दें ताकि छात्रों का भविष्य उज्ज्वल हो सके। पीजी (PG) की पढ़ाई की पहल: कॉलेज में जल्द ही पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन दिए गए। अतिथियों का स्वागत: कार्यक्रम की शुरुआत में प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद और उप-प्राचार्य प्रो. संगीता कुमारी ने मुख्य अतिथियों को बुके देकर उनका स्वागत किया। महाविद्यालय के कई गणमान्य प्राध्यापक ...

वित्तीय स्वतंत्रता की ओर पहला कदम: समझें स्मार्ट निवेश और व्यक्तिगत वित्त के मूल मंत्र!

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  व्यक्तिगत वित्त (Personal Finance) और निवेश केवल अमीर लोगों के लिए नहीं हैं, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है जो अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित और मजबूत बनाना चाहता है। सही जानकारी और छोटी शुरुआत के साथ कोई भी व्यक्ति अपने पैसों को बढ़ा सकता है।  हम बहुत ही सरल भाषा में जानेंगे कि कैसे आप अपने धन का प्रबंधन कर सकते हैं और शेयर बाजार व म्यूचुअल फंड जैसे माध्यमों से लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। 1. बजट और बचत का नियम: '50-30-20' फॉर्मूला स्मार्ट निवेश की शुरुआत हमेशा बचत से होती है। अपनी कमाई का सही प्रबंधन करने के लिए आप इस लोकप्रिय और आसान फॉर्मूले को अपना सकते हैं: 50% जरूरतें - घर का किराया, बिजली-पानी का बिल, राशन और जरूरी खर्च। 30% इच्छाएं - घूमना-फिरना, बाहर खाना या शॉपिंग। 20% बचत और निवेश : भविष्य के लिए पैसे बचाना और उन्हें सही जगह निवेश करना। 2. लंबी अवधि के निवेश की ताकत - चक्रवृद्धि ब्याज को दुनिया का आठवां अजूबा कहा जाता है। जब आप अपने निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर भी रिटर्न पाते हैं, तो आपका पैसा तेजी से बढ़ता है। जल्दी शुरुआत करें: जितन...

छंटनी को लेकर चिंता जताना अभी जल्दबाजी: भारतीय श्रम बाजार की मजबूत स्थिति ।

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  बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) द्वारा की जा रही छंटनी (Pink Slips) की खबरों के बीच यह मानना जल्दबाजी होगी कि भारतीय श्रम बाजार संकट में है। हालिया वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था और यहां का रोजगार बाजार इस उथल-पुथल से निपटने के लिए काफी हद तक सुरक्षित है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों में छंटनी और इसके दायरे: ऑरेकल, उबर और पेपैल जैसी टेक कंपनियों से शुरू हुई छंटनी अब सैमसंग जैसी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों तक फैलती नजर आ रही है, जिसका मुख्य कारण AI उद्योग की वजह से सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ना और घरेलू उपकरणों के दाम प्रभावित होना है। वैश्विक उथल-पुथल और तेल आपूर्ति में बाधाओं के बावजूद भारत का घरेलू बाजार और उपभोक्ता क्षेत्र मजबूत स्थिति में बना हुआ है। घरेलू उपभोक्ताओं पर केंद्रित भारतीय कंपनियों के पास वेतन और रोजगार को संभालने के लिए बड़ा सुरक्षा कवच (Payroll Cushion) मौजूद है। कार्यालयों के लिए लीजिंग में रिकॉर्ड तेजी: भारत में ऑफिस-लीसिंग की गतिविधि में लगातार उछाल देखा जा रहा है। वर्ष 2025 में 83 मिलियन वर्ग फीट के रिकॉर्ड आंकड...

जलवायु वित्त: केवल कौन भुगतान करेगा, यह नहीं बल्कि भुगतान प्राप्त कैसे हो।

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  नेपाल के पहाड़ उसकी सबसे बड़ी संपत्ति हो सकते हैं, लेकिन गर्म होती दुनिया उन्हें लगातार बढ़ते जोखिम का स्रोत बना रही है. चीन-नेपाल सीमा पर हाल ही में आए अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने बड़े इलाके को तबाह कर दिया और एक हजार से अधिक लोगों की जान ले ली, जिससे देश पर भारी पुनर्निर्माण का बिल आ गया है. इस तबाही के पैमाने में कई कारक योगदान करते हैं, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि जलवायु परिवर्तन इसके पीछे का मुख्य चालक था. यह संकट नेपाल का पैदा किया हुआ नहीं था. ऐतिहासिक ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन के स्टॉक में इसका योगदान मात्र 0.01% है, जबकि वैश्विक वार्षिक GHG उत्सर्जन में इसकी हिस्सेदारी 0.05% है. अमीर और विकसित देश, जो संचित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के एक बड़े हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं, विकासशील दुनिया के प्रति अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं से पीछे हट रहे हैं. बहुपक्षीय जलवायु वार्ताओं के तीन दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद, अमीर देश अपने वादों से मुकर नहीं सकते.  इन्हें उस संकट से निपटने के लिए विकासशील देशों को आवश्यक वित्त प्रदान करना चाहिए, जिसे पैदा करने में उन्होंने बहुत ...