हम 'ऑर्वेलियन डिस्टोपिया' को सामान्य नहीं बना सकते।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'उत्तर प्रदेश नियंत्रण Goondas Act 1970' के कथित दुरुपयोग और उत्पीड़न के साधनों के रूप में इसके इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई है. कानून का दुरुपयोग: अदालत ने एक मामले में गोण्डा के जिलाधिकारी द्वारा किसी व्यक्ति को 'गुंडा' घोषित कर 6 महीने के लिए तड़ीपार करने के आदेश को रद्द करते हुए यह स्पष्ट किया कि केवल एक मामले से कोई आदतन अपराधी नहीं बनता. प्रशासनिक लापरवाही और मनमानी: देवरिया पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों के खराब होने का दावा करने तथा 'बुलडोजर न्याय' और आकृती चौधरी (डीयू छात्र कार्यकर्ता) पर एनएसए लगाने जैसे मामलों में कार्यकारी मनमानी और संवैधानिक तनाव को उजागर किया गया है. मौलिक अधिकारों की रक्षा: अदालत ने रेखांकित किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने का अर्थ यह नहीं है कि कार्यपालिका को बिना सबूत और उचित प्रक्रिया के मौलिक अधिकारों की उपेक्षा करने का खुला अधिकार मिल जाए. यदि निवारक कानूनों का इस्तेमाल असहमति को दबाने के लिए किया जाता है, तो हम ...