न्याय की चौखट पर 'तालाबंदी': जब रक्षक ही बन जाएं व्यवस्था के लिए चुनौती !
"तारीख पर ताला" ! दानापुर (पटना) में न्याय की आस लेकर आने वाले फरियादियों के लिए यह हफ्ता किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं रहा। एक तरफ तारीखों का लंबा इंतजार और दूसरी तरफ बार-बार होने वाली कार्यबंदी। बार एसोसिएशन दानापुर द्वारा जारी यह ताजा पत्र (Ref No. 28) इसी अव्यवस्था की जलती हुई मशाल है। आखिर कब तक चलेगा यह 'हड़ताली ड्रामा'? हैरानी की बात है कि एक ही हफ्ते में छह बार कोर्ट का काम बाधित हुआ है। पत्र में "सुरक्षा की दृष्टि" का हवाला देते हुए आज 12 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक न्यायिक कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया गया है। सवाल यह उठता है कि क्या सुरक्षा के नाम पर न्याय की प्रक्रिया को ही बंधक बना लेना उचित है? पीड़ित क्लाइंट: दूर-दराज से अपनी जमा-पूंजी खर्च कर आने वाले मुवक्किलों का क्या? उनकी तारीखें निकल जाती हैं, किराया बर्बाद होता है और न्याय और भी दूर हो जाता है। परेशान वकील और मुंशी: यह केवल व्यवस्था की हार नहीं है, बल्कि उन जूनियर वकीलों और मुंशियों की कमर तोड़ने वाला फैसला है जिनका घर दैनिक काम पर निर्भर करता है। सिस्टम की विफलता: यदि सुरक...