भारतीय रेलवे: 'धीमी प्रगति' से 'सुपर-फास्ट परिवर्तन' के नए युग का सूत्रपात!
भारतीय रेलवे वर्तमान में आधुनिकीकरण और अभूतपूर्व विस्तार के एक ऐतिहासिक दौर से गुजर रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹2.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड आवंटन के साथ, रेलवे अब केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की आकांक्षाओं का मुख्य आधार बन गई है। प्रमुख संरचनात्मक और वित्तीय सुधार रेल बजट का आम बजट में विलय होने से रेलवे को तीन मुख्य लाभ हुए हैं: बजटीय सहायता में वृद्धि: आवंटन ₹25,000 करोड़ से बढ़कर ₹2.78 लाख करोड़ तक पहुँच गया है। त्वरित निर्णय प्रक्रिया: परियोजनाओं और नई तकनीक की मंजूरी अब वर्ष भर सुगम हो गई है। पारदर्शिता: वित्त मंत्रालय और नीति आयोग की निगरानी से प्रणालियों में जवाबदेही बढ़ी है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा में क्रांति नेटवर्क विस्तार: पिछले दशक में 35,000 किमी नई पटरियां बिछाई गई हैं और 99% रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। कवच प्रणाली: स्वदेशी सुरक्षा तकनीक 'कवच' को 3,000 किमी पर लागू किया जा चुका है और 20,000 किमी पर कार्य जारी है। सुरक्षित यात्रा: एलएचबी (LHB) कोचों की संख्या में भारी वृद्धि और 'रूट कॉज़ एनालिसिस'...