शिक्षा ऋण में बड़े बदलाव की ओर कदम: अब पृष्ठभूमि नहीं, योग्यता बनेगी आधार!
10 दिनों के भीतर आवेदनों को स्वीकृत करना होगा, साधारण स्नातक को भी मिलेगी ऋण, सरकार बनेगी ग्रांटेर्। भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय देश में शिक्षा ऋण (Student Loans) की वितरण राशि को दोगुना करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहे हैं। इस प्रस्तावित रूपरेखा के तहत, बड़े ऋणों के लिए सरकार खुद गारंटर के रूप में कार्य करेगी। इससे विद्यार्थियों के माता-पिता को संपत्ति गिरवी रखने या उच्च आय प्रमाण प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, ब्याज दरों की अधिकतम सीमा तय की जाएगी, विभिन्न विविध शुल्कों को माफ किया जाएगा और बैंकों को सीधे कैंपस ड्राइव के माध्यम से 10 दिनों के भीतर आवेदनों को स्वीकृत करने के निर्देश दिए जाएंगे। वर्षों से शिक्षा ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया किसी जोखिम भरे बंधक (Mortgage) के लिए आवेदन करने जैसी रही है। बैंक अक्सर बड़ी राशि के ऋणों के लिए भारी जमानत (Collateral) की मांग करते थे, जिससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार वंचित रह जाते थे। इसके अलावा, बैंक केवल प्रमुख इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों को प्राथमिकता ...