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बिहार: समृद्धि का अभिशाप और 'डंपिंग यार्ड' अर्थव्यवस्था!

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  बिहार की इंडस्ट्री में आज एक ऐसा बदलाव आया है, जहां प्रोडक्ट्स की बिक्री शुरू हो गई है और राज्य में केवल दूसरे उत्पादों के लिए एक 'बाज़ार' उभर कर सामने आई है। 21 साल के "सुशासन" और "डबल इंजन" के बीच की सच्चाई यह है कि बिहार से जाने वाले क्लासिक्स से मिलते-जुलते हैं और आने वाले ट्रकों से मिलते हैं। 1. कच्चे माल का निर्यातक , निर्मित माल का आयातक बिहार की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि यहां कच्चे माल का जन्म तो होता है, लेकिन उसका "वैल्यू एडिशन" (मूल्य वृद्धि) सामने आता है। मखाना: विश्व का 80-90% मखाना मिथिला  उपजाता है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग और बाजार में गुजरात और महाराष्ट्र में बाजी मार ले जाते हैं। फल एवं सब्जी: सब्जी की लीची हो या हाजीपुर का केला, बिहार कंपनी (प्रसंस्करण) के अभाव में औने-सुथरा दाम पर बेचती है, और वही फल 'जूस' या 'चिप्स' पांच गुनी कीमत पर वापस बिहार के उत्पाद में बिकते हैं। आलू: बिहार देश के शीर्ष आलू उत्पादक राज्यों में है, फिर भी चिप्स की एक बड़ी टीम यहां नहीं लग पाई। 2. जल संसाधन के बावजूद 'आंध्र की मछली' प...

चकमुसा -बग्घा टोला में राष्ट्रीय जनता दल का 3 मार्च को भव्य 'होली मिलन समारोह'!

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  होली का त्योहार न केवल रंगों का उत्सव है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और मेल-मिलाप का भी प्रतीक है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा पटना के फुलवारी शरीफ में एक भव्य 'होली मिलन समारोह' का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं और जनता के बीच खुशियां बांटना और एकजुटता को मजबूत करना है। कार्यक्रम की मुख्य जानकारी (Event Details) अगर आप पटना या आस-पास के क्षेत्रों में हैं, तो इस उत्सव का हिस्सा जरूर बनें: तारीख: 03 मार्च 2026 (मंगलवार) समय: दिन के 11:00 बजे से स्थान: नेता जी लाईन होटल, चकमुसा, फुलवारी शरीफ आयोजन के मुख्य चेहरे यह कार्यक्रम राजद के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और स्थानीय पदाधिकारियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।  इस आयोजन में निम्नलिखित प्रमुख व्यक्तियों की भूमिका है: श्रवण कुमार (प्रखंड अध्यक्ष) हरि नारायण यादव (पटना जिला महासचिव) दीनानाथ यादव (जिला अध्यक्ष, पटना) आयोजक टीम: राज किशोर साह, मुन्ना यादव और भरत यादव। क्या होगा खास? इस समारोह में रंगों और गुलाल के साथ-साथ पारंपरिक होली के गीतों और जलपान की व्यवस्...

साम्राज्यवादी युद्ध: अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में 'गुंडागर्दी' के लिए कोई जगह नहीं !

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  हालिया सैन्य कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हैं और दुनिया को एक खतरनाक संकट की ओर धकेल रही हैं। वादों का टूटना और युद्ध का अगाज.  डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति बनने से पहले 'अंतहीन युद्धों' को समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या ने पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। मुख्य बिंदु और आरोप: नेतृत्व पर प्रहार:  जहाँ ट्रंप को एक 'अस्थिर राष्ट्रवादी' बताया गया है, वहीं नेतन्याहू पर युद्ध अपराधों के आरोपों का जिक्र है। कूटनीति की विफलता: यह दावा किया गया है कि ईरान एक परमाणु समझौते के करीब था और ओमान की मध्यस्थता में बातचीत चल रही थी। लेकिन समझौते के बजाय मिसाइल हमलों को चुना गया। वैश्विक आर्थिक खतरा: ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज  को बंद करने की घोषणा से वैश्विक अर्थव्यवस्था, विशेषकर भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए बड़ा संकट पैदा हो सकता है। एक "चुना हुआ" युद्ध  यह कोई 'पूर्व-नियोजित सुरक्षा' कार्रवाई नहीं ...

न्यायपालिका द्वारा चुनिंदा आक्रोश!

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    निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है. 1. न्यायपालिका की प्रतिक्रिया और 'अति-संवेदनशीलता'  सर्वोच्च न्यायालय ने पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका की आलोचना (जैसे "न्यायिक भ्रष्टाचार" और "लंबित मामले") को लेकर ज़रूरत से ज़्यादा सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट का यह कहना कि वह न्यायपालिका की गरिमा को "धरती पर किसी को भी" ठेस नहीं पहुँचाने देगा, एक प्रकार का 'ज्यूडिशियल ओवररीच' (न्यायिक अति-प्रसार) प्रतीत होता है। 2. सरकार का रुख और पाठ्यपुस्तकों का राजनीतिकरण  सरकार द्वारा उन अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन देना जिन्होंने ये संदर्भ डाले थे, न्यायपालिका के दबाव में उठाया गया कदम है।  वर्तमान सत्ता पक्ष (भाजपा) के तहत पाठ्यपुस्तकों का पुनर्लेखन एक प्रमुख एजेंडा रहा है, जहाँ अक्सर इतिहास और सामाजिक विज्ञान को एक विशेष दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने की कोशिश की जाती है। 3. आलोचना में असंतुलन  पाठ्यपुस्तकों में सरकार और कार्यपालिका की भी तीखी आलोचना की गई है (जैसे चुनावों में भ्रष्टाचार), जिस पर कोई आपत्ति नहीं हुई। किन्तु, जैसे ही न्यायपालिका की आलोचना की ...

पालीगंज विधानसभा क्षेत्र के सारथी: डॉ. संदीप सौरभ एवं दिव्या गौतम की परिणय यात्रा का प्रथम सोपान! प्रो प्रसिद्ध कुमार.

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   बिहार की माटी ने सदैव ऐसे योद्धाओं को जन्म दिया है जिन्होंने सत्ता की सुख-सुविधाओं के ऊपर जन-सेवा के संकल्प को प्रधानता दी है। इसी क्रम में एक प्रखर नाम उभरकर आता है— डॉ. संदीप सौरभ। पालीगंज विधानसभा क्षेत्र से भाकपा (माले) लिबरेशन के लोकप्रिय विधायक और युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. संदीप सौरभ आज न केवल राजनीतिक गलियारों में, बल्कि शैक्षणिक और सामाजिक जगत में भी एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। संघर्षों से उपजा व्यक्तित्व पटना के मनेर (मोलानीपुर) के एक किसान परिवार में जन्मे संदीप जी का व्यक्तित्व गंगा की लहरों जैसी गतिशीलता और वहां की मिट्टी जैसी सौंधापन समेटे हुए है। पटना विश्वविद्यालय से स्नातक और फिर जेएनयू (JNU) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से हिंदी में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करना उनके बौद्धिक कौशल का प्रमाण है। "असिस्टेंट प्रोफेसर की सुरक्षित नौकरी को ठुकरा कर सड़क पर उतरने का साहस वही कर सकता है, जिसके हृदय में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए संवेदना हो।" छात्र राजनीति की तपिश ने उन्हें कुंदन की तरह निखारा, जहाँ उन्होंने आइसा (AISA) और जेएनयू छात्र संघ के माध्यम से छ...

रामलखन सिंह यादव कॉलेज में हर्षोलास के साथ होली मिलन समारोह मनाया गया!

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पटना (अनीसाबाद): स्थानीय राम लखन सिंह यादव कॉलेज, अनिसाबाद के छात्रों में होली के पावन अवसर पर भव्य 'होली मिलन समारोह' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राध्यापकों, स्टूडेंट्सऔर कर्मचारियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। मुख्य अतिथि का स्वागत .  समारोह के मुख्य अतिथि कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष व पालीगंज के  विधायक कॉम  संदीप सौरभ रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में  प्रो. सुरेंद्र प्रसाद  ने मुख्य अतिथि को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया.   कॉम संदीप सौरभ ने कॉलेज के विकास के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की। उन्होंने कहा कि कॉलेज के ढांचे को और भी बेहतर बनाने के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे। वहीं प्रो. सुरेंद्र प्रसाद ने होली को मित्रवत प्रेम, शांति और भाईचारे का प्रतीक बताया।  इस समारोह में कॉलेज के विद्वानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित मुख्य सदस्यों में   प्रो. कुमारी  तेजस्विनी , प्रो. रामबिनेश्वर सिंह, प्रो. बी.डी. यादव, प्रो. अशोक यादव, प्रो. अनिल कुमार, प्रो. वीरेंद्र प्रसाद यादव, प्रो. राय श्...

इंसानियत की मिसाल: सड़क हादसे में तड़पती रही महिला-बच्चे के लिए फरिश्ता बने एम्सकर्मी टिंकू जी!

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  बिहटा-सरमेरा रोड (पटना): बिहटा-सरमेरा मार्ग पर नौबतपुर टोल टैक्स (पुनपुन घाट) के पास एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना हुई, जिसने समाज की संवेदन निष्ठा और एक व्यक्ति की कर्मठता को एक साथ जोड़ दिया। दुर्घटना का विवरण एक बाइक पर सवार महिला और उनका 6 महीने का मासूम बच्चा जा रहे थे, तभी वे सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। चश्मदीदों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद महिला और बच्चे सड़क पर दर्द से छटपटा रहे थे। दूसरी बात यह है कि उनके साथ मौजूद पुरुष उस कठिन घड़ी में उनकी कोई मदद नहीं कर सके और वहां मौजूद भीड़ केवल तमाशा तलाश रही थी. जब लोग केवल वीडियो बनाते थे और भीड़ में शामिल होते थे, तभी वहां से गुजर रहे एम्स पटना (एम्स पटना) में कार्यरत टिंकू जी की नजरें उन पर पड़ीं। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने मानवता का परिचय दिया: टिंकू जी  तुरंत ही देश के सबसे बड़े राज्य के एम्स में गाड़ियां ले जाकर एडमिट कराया. मरीजों  को प्राथमिक उपचार सुनिश्चित करवाते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स अस्पताल में रखा गया। भीड़ नहीं, सुपरमार्केट इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि सड़क पर किसी की जान ...