आर्थिक वृद्धि (7.8%) बनाम आम जनजीवन: एक विश्लेषण।
सबसे ज्यादा कार्य बल देने वाले कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर केवल 3.6% रही। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8% की वास्तविक GDP वृद्धि दर दर्ज की है, जो RBI के 7% के अनुमान से अधिक है। हालाँकि, यह तेज़ वृद्धि दर व्यापक और समावेशी है या केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित, यह एक विचारणीय प्रश्न है। विकास के प्रमुख आंकड़े और असमानता प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन: वित्त, रियल एस्टेट और IT सेवाओं में 12.1% और विनिर्माण क्षेत्र में 9.2% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कृषि क्षेत्र (जो सबसे अधिक कार्यबल को रोजगार देता है) की वृद्धि केवल 3.6% रही और खनन क्षेत्र में गिरावट आई। असंगठित क्षेत्र और रोज़गार: अर्थव्यवस्था का लगभग 65% हिस्सा शहरी और संगठित क्षेत्रों से संचालित है। गैर-कृषि कार्यबल का 73.2% हिस्सा अब भी असंगठित क्षेत्र में है, जिसकी स्थिति का सटीक आकलन संगठित आंकड़ों के आधार पर करना चुनौतीपूर्ण है। निवेश बनाम खपत: निवेश मांग (Investment Demand) बढ़कर 11.9% (GDP का 34.3%) हो गई, जबकि घरेलू खपत (Household Consumption) का हिस्सा घटकर...