हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि नफ़रत व आर्थिक/सामाजिक असमानता फैलाने वाली फासीवादी विचारधारा से है।_ तेजस्वी यादव, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय।/पटना से प्रसिद्ध यादव

 

    


विश्व के सबसे ऐतिहासिक,सर्वश्रेष्ठ और प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक “कैंब्रिज विश्वविद्यालय” में स्टूडेंट्स के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में देश और बिहार के सर्वांगीण विकास तथा लोकतंत्र, विपक्ष का भविष्य, भूमिका व एकता पर अपने विचार रखे एवं छात्रों के सवालों के जवाब दिए।
अपने संबोधन व वार्तालाप में हमने कहा कि हम एक बेहतर और विकसित भारत के लिए लड़ रहे है।हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि नफ़रत व आर्थिक/सामाजिक असमानता फैलाने वाली फासीवादी विचारधारा से है।
हमारी लड़ाई बेरोजगारी,गरीबी,गैर-बराबरी,सांप्रदायिकता और असंवेदनशील पूंजीवाद के खिलाफ है।भारत में लोकतंत्र की अपनी चुनौतियाँ हैं और तमाम बाधाओं के बावजूद हम लोकतंत्र के लोकाचार को बनाए रखने में सफल रहे हैं। भारतीय लोकतंत्र की जड़ें जनता के संघर्ष में परिलक्षित होती हैं जिसे हम समय-समय पर देखते हैं न कि समय-समय पर होने वाले चुनावों में।

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