राम लखन सिंह यादव कॉलेज में 'दही-चूड़ा' भोज का आयोजन: विमर्श और मिठास के साथ हुआ नववर्ष का अभिनंदन !
अनिसाबाद, पटना। नूतन वर्ष के आगमन और मकर संक्रांति के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर, अनिसाबाद स्थित राम लखन सिंह यादव कॉलेज के प्रांगण में आत्मीयता और उत्साह का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था—सामूहिक दही-चूड़ा भोज और शैक्षणिक बेहतरी के लिए आयोजित एक विशेष विमर्श बैठक का।
शैक्षणिक संकल्पों की गूँज आयोजन की शुरुआत कॉलेज के भविष्य की रूपरेखा और पठन-पठन की सुचारू व्यवस्था पर चर्चा के साथ हुई। बैठक में मुख्य रूप से पाठ्यक्रम को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने और सत्र को नियमित बनाए रखने पर बल दिया गया। प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही संस्थान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
परंपरागत स्वाद और अपनों का साथ बैठक के पश्चात कॉलेज परिवार ने बिहार की पारंपरिक संस्कृति के प्रतीक 'दही-चूड़ा' भोज का आनंद लिया। कड़कड़ाती ठंड के बीच तिलकुट की मिठास और दही-चूड़ा के मेल ने माहौल को उत्सव जैसा बना दिया। शिक्षकों और अतिथियों के बीच हँसी-ठिठोली और स्नेहपूर्ण संवाद ने यह दर्शाया कि अनुशासन के साथ-साथ आपसी सौहार्द ही किसी भी शिक्षण संस्थान की असली शक्ति होती है।
गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद के साथ-साथ विद्वतजनों की लंबी श्रृंखला मौजूद रही, जिनमें मुख्य रूप से:
प्रो. शंकर प्रसाद सिंह, प्रो. अशोक सिंह, प्रो. अनिल कुमार, प्रो. रामबीनेश्वर सिंह और डॉ. प्रो. महेंद्र सिंह।
प्रो. वीरेन्द्र प्रसाद यादव, प्रो. परिहार, प्रो. राय श्रीपाल सिंह, प्रो. घनश्याम चौधरी और प्रो. रामजीवन यादव।
इंदुभूषण यादव, प्रो. प्रसिद्ध कुमार, प्रो. शनि जोसेफ, प्रो. उसम्मानी, प्रो. संतोष चौधरी और डॉ. प्रो. राजकिशोर प्रसाद।
प्रो. रमेश कुमार, प्रो. कुमारी सुंदरम, प्रो. ममता रानी, प्रो. संगीता, गुले जोहरा और प्रो. सतेंद्र प्रसाद।
प्रो. बीडी यादव, प्रो. अशोक यादव, प्रो. शैलेंद्र, रामजी राय, रविन्द्र कुमार और मो. मिराज सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए।
यह आयोजन न केवल स्वाद का उत्सव रहा, बल्कि कॉलेज की सामूहिक प्रगति के संकल्प का साक्षी भी बना।

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