,सफलता और जीवन का अदृश्य सूत्रधार !
समय बलवान है और हम सब इसकी धारा में बह रहे हैं। लेकिन समय केवल एक धारा नहीं, बल्कि वह पूंजी है जिसे सही जगह निवेश कर हम अपना भाग्य बदल सकते हैं। समय की महत्ता को शब्दों से ज्यादा उन पलों की कीमत से समझा जा सकता है जहाँ 'एक सेकंड' भी हार और जीत के बीच की दीवार बन जाता है।
1. खेल के मैदान में समय की कीमत
एक एथलीट जो सालों तक कड़ा अभ्यास करता है, उसके लिए समय का मूल्य घंटों में नहीं, बल्कि सेकंड के सौवें हिस्से में होता है। ओलंपिक जैसे मंचों पर अक्सर देखा गया है कि मात्र पलक झपकने जितनी देरी किसी खिलाड़ी को स्वर्ण पदक से वंचित कर देती है। वह एक छोटा सा अंश उसे इतिहास रचने या गुमनामी में रहने के बीच खड़ा कर देता है।
2. जीवन और मृत्यु का अंतर
चिकित्सा के क्षेत्र में समय को 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है। किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति या गंभीर रोगी के लिए कुछ मिनटों की देरी जीवन और मृत्यु का फैसला कर देती है। डॉक्टर समय पर पहुँच जाए तो प्राण बच जाते हैं, और यदि चंद मिनटों का विलंब हो जाए, तो हाथ में केवल पछतावा रह जाता है।
3. अवसरों की गति
हमारी आधुनिक जीवनशैली में ट्रेन या हवाई जहाज का छूटना महज एक यात्रा का रुकना नहीं है, बल्कि कई बार यह बड़े व्यावसायिक अवसरों, महत्वपूर्ण साक्षात्कारों या अपनों के साथ अंतिम मुलाकातों के छूटने जैसा होता है। समय अपनी निर्धारित सीमा में चलता है; यदि हम उसके साथ कदम नहीं मिलाते, तो हम पीछे छूट जाते हैं।
समय अदृश्य है, पर इसका प्रभाव सबसे गहरा है। जो समय के अभाव का रोना रोते हैं, वे अक्सर इसे व्यवस्थित करना भूल जाते हैं। इसके विपरीत, जो समय का सम्मान करते हैं, समय उन्हें सफलता के शिखर पर बैठा देता है। हमें समय को 'पकड़ने' की कोशिश करने के बजाय, उसके साथ तालमेल बिठाकर चलना सीखना चाहिए।

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