बेटियों के लहू से लाल होता शिक्षा का मंदिर: न्याय की पुकार!
17 फरवरी को शाम 5 बजे से नकटी भवानी से एम्स होते फुलवारी कैंडल मार्च: सोई हुई व्यवस्था को जगाने की एक कोशिश!
पटना के फुलवारी शरीफ से आई खबर ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि मानवता को भी शर्मसार कर दिया है। 16 साल की एक मासूम, जो आँखों में भविष्य के सुनहरे सपने लेकर 'फंडामेंटल कोचिंग' की दहलीज पर कदम रखती थी, आज वह दरिंदगी की भेंट चढ़ गई।
परिजनों का आरोप है कि उसके साथ हैवानियत की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए उसे छत से नीचे फेंक दिया गया। क्या अब शिक्षा के केंद्र भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं रहे? शरीर पर पड़े वे जख्म चीख-चीख कर इंसाफ मांग रहे हैं।
सत्ता और सियासत के बीच सिसकता न्याय
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। सांसद पप्पू यादव, पूर्व विधायक गोपाल रविदास और राजद नेता हरिनारायण यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रबुद्ध जनों का कहना है कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ हैं।
"यह सिर्फ एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि प्रशासन के इकबाल की हत्या है।"
🕯️ कैंडल मार्च: सोई हुई व्यवस्था को जगाने की एक कोशिश
इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में और मृतका को न्याय दिलाने के लिए एक विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया जा रहा है। हम सभी को इस न्याय की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना होगा।
हमारी मांगें:
उठो! क्योंकि आज अगर हम खामोश रहे, तो कल किसी और की बेटी इस दरिंदगी का शिकार होगी। आइए, हाथों में मोमबत्ती और दिल में न्याय की लौ लेकर इस मार्च का हिस्सा बनें।
प्रो प्रसिद्ध कुमार।

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