सचेत रहें: आपकी सुनने की क्षमता खतरे में है!
अक्सर हम बड़े संगीत समारोहों, रैलियों या तेज शोर वाले आयोजनों का आनंद तो लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह शोर आपके कानों को स्थायी रूप से बीमार कर रहा है? हालिया शोध और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, तेज संगीत से होने वाला नुकसान आपकी जानकारी में आने से बहुत पहले ही शुरू हो जाता है।
क्या है 'हिडन हियरिंग लॉस'?
सामान्य तौर पर हम मानते हैं कि अगर हम धीमी आवाजें सुन पा रहे हैं, तो हमारे कान बिल्कुल ठीक हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने कोक्लियर सिनैप्टोपैथी (Cochlear Synaptopathy) नामक स्थिति की पहचान की है, जिसे "छिपी हुई श्रवण हानि" कहा जाता है।
मुख्य लक्षण और प्रभाव
यदि आप नीचे दी गई स्थितियों का सामना कर रहे हैं, तो यह छिपी हुई श्रवण हानि का संकेत हो सकता है:
भारत में बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे देशों में स्थिति अधिक चिंताजनक है क्योंकि यहाँ ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन अक्सर नहीं होता। राजनीतिक रैलियों, धार्मिक आयोजनों और शादियों में ध्वनि का स्तर अक्सर 80 dB (डेसिबल) की सुरक्षित सीमा को पार कर जाता है, जो हमारे कान की सूक्ष्म कोशिकाओं और सिनैप्स को स्थायी रूप से नष्ट कर सकता है।
बचाव के उपाय

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