शिक्षा जगत के एक युग का अंत: प्रो. (डॉ.) कौशल किशोर मंडल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि !
हमें गर्व है
कि इनकी सुपुत्री हमारे कॉलेजमें प्रोफेसर हैं।
"शब्दों में पिरोना कठिन है उस व्यक्तित्व को, जिसने अपना संपूर्ण जीवन ज्ञान की ज्योति जलाने में समर्पित कर दिया।"
अत्यंत भारी मन से हमें यह साझा करना पड़ रहा है कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के पूर्व प्रति कुलपति और प्रखर समाजवादी चिंतक प्रो. (डॉ.) कौशल किशोर मंडल अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि समूचे शिक्षा जगत और बौद्धिक समाज में एक अपूरणीय शून्य पैदा हो गया है।
एक गौरवशाली शैक्षणिक सफर
डॉ. मंडल केवल एक पद का नाम नहीं थे, बल्कि वे अनुशासन और विद्वता के प्रतिमान थे। उनके करियर के कुछ मुख्य पड़ाव उनकी कर्मठता की कहानी कहते हैं:
साहित्य और समाज के प्रति गहरा अनुराग
प्रो. मंडल एक प्रखर लेखक और विचारक भी थे। राजनीति शास्त्र के क्षेत्र में वे एक 'चर्चित हस्ताक्षर' के रूप में पहचाने जाते थे। साहित्य, संस्कृति और समाजवाद के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें जन-जन का प्रिय बनाया। उनके सौम्य स्वभाव और उदारता की चर्चा आज मधेपुरा से लेकर भागलपुर तक हर जुबां पर है।
एक खालीपन जो कभी नहीं भरेगा
उनके जाने पर विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों, पूर्व मंत्रियों और साथी प्रोफेसरों ने शोक व्यक्त किया है। लेकिन एक परिवार के लिए वे केवल एक 'प्रोफेसर' नहीं, बल्कि घर की वह मजबूत नींव थे, जिनकी छाया में पीढ़ियां पलीं।
"आपका जीवन हमारे लिए प्रेरणा का पुंज रहेगा। आपने जो आदर्श स्थापित किए और जो सादगी हमें सिखाई, वह हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।"
अंतिम विदाई
प्रो. कौशल किशोर मंडल जी का देहावसान एक अध्याय का अंत जरूर है, लेकिन उनके द्वारा शिक्षित किए गए हजारों विद्यार्थी और उनके विचार हमेशा समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
विनम्र श्रद्धांजलि! 🙏

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