सफलता की कहानी: पटना, बेऊर् के गौरव कुमार ने यूपीएससी 2025 में लहराया परचम (AIR 338) !
फुलवारी कुरकुरी में ही इनका ननिहाल है.
सपनों को हकीकत में बदलने के लिए केवल आंखों में उम्मीद नहीं, बल्कि इरादों में फौलाद होना चाहिए। पटना, बिहार के रहने वाले गौरव कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 338वीं रैंक हासिल कर इस बात को साबित कर दिखाया है।
एक मेधावी शैक्षणिक सफर
गौरव की यह सफलता अचानक मिली उपलब्धि नहीं है, बल्कि सालों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। उनके शैक्षणिक बैकग्राउंड पर नज़र डालें तो उनकी काबिलियत साफ झलकती है:
प्रारंभिक शिक्षा: गौरव ने अपनी 10वीं की पढ़ाई (ICSE) डॉन बॉस्को एकेडमी और 12वीं (CBSE) सेंट माइकल्स हाई स्कूल से 90% से अधिक अंकों के साथ पूरी की।
उच्च शिक्षा: उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया है।
उपलब्धियां: वे गूगल हैकाथॉन (IIT खड़गपुर) के विजेता रहे हैं और उनके नाम नेटवर्किंग क्षेत्र में एक पेटेंट भी दर्ज है।
संघर्ष और संकल्प
गौरव के लिए यह सफर आसान नहीं था। उनके आवेदन पत्र (DAF) के अनुसार, उनके पिता स्वर्गीय अरविंद कुमार घोष अब इस दुनिया में नहीं हैं। पिता को खोने के बाद, उनकी माता श्रीमती सोनामती कुमारी (जो एक सरकारी कर्मचारी हैं) उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा और संबल बनीं। पटना के अनीसाबाद की गलियों से निकलकर दिल्ली के राजौरी गार्डन में रहकर पढ़ाई करना और अंततः सफल होना, उनके धैर्य की कहानी कहता है।
परीक्षा की रणनीति
गौरव ने अपनी तैयारी के लिए मानविकी (Anthropology) को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। एक इंजीनियर होने के बावजूद वैकल्पिक विषय में महारत हासिल करना और हिंदी भाषी बैकग्राउंड से होते हुए अंग्रेजी माध्यम में परीक्षा पास करना उनके बहुमुखी व्यक्तित्व को दर्शाता है।
गौरव की उपलब्धियां एक नज़र में:
विवरण
जानकारी
नाम
गौरव कुमार
यूपीएससी रैंक
338 (वर्ष 2025)
रोल नंबर
1515099
गृहनगर
पटना, बिहार
शिक्षा
B.Tech (IIT खड़गपुर)
वैकल्पिक विषय
नृविज्ञान (Anthropology)
रुचि -फिक्शन किताबें पढ़ना, डायरी लेखन और गिटार बजाना

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