बिहार में 'सुशासन' की खुली पोल: पटना जानीपुर में अपर थानेदार 1 लाख की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, भ्रष्टाचार का खेल जारी!

   


​पटना: बिहार सरकार भले ही सूबे में 'जीरो टॉलरेंस' और सुशासन का दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ताजा मामला राजधानी पटना का है, जहाँ पुलिस महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ है।

​क्या है पूरा मामला?

​निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जानीपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह को ₹1,00,000 (एक लाख) की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

​गिरफ्तारी का स्थान: आरोपी को जानीपुर थाना क्षेत्र के बघ्घा टोला स्थित नहर के पूर्वी सड़क के किनारे से दबोचा गया।

​आरोप: परिवादी कौशल किशोर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी जमीन की सरकारी मापी होने के बावजूद असामाजिक तत्व उन्हें बाउंड्री नहीं करने दे रहे थे। इसी बाउंड्री को कराने में मदद के बदले दारोगा संजय कुमार सिंह ने मोटी रकम की मांग की थी।

​निगरानी विभाग का जाल

​शिकायत के सत्यापन के बाद आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद पुलिस उपाध्यक्ष श्री अरुणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया गया। आज दिनांक 13.05.2026 को टीम ने जाल बिछाकर आरोपी पुलिस अधिकारी को घूस की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया।

​सरकार पर उठते सवाल

​यह घटना  बिहार सरकार के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़ा करती है जहाँ पुलिस को आम जनता का रक्षक बताया जाता है। जब राजधानी के थानों में ही रक्षक भक्षक बन जाएँ और सरेआम लाखों की घूस माँगी जाए, तो बिहार की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक शुचिता पर उंगली उठना लाजिमी है।

​नोट: अभियुक्त से पूछताछ के बाद उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा और मामले में आगे की जांच जारी है। 

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