तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला: "बिहार में परिवारवाद और भ्रष्टाचार का नया विजन हुआ स्थापित" !

    



​बिना सदन के सदस्य बने 'नेता पुत्रों' को मंत्री बनाने पर उठाए सवाल; TRE-4 के छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया लोकतंत्र की हत्या! 

​पटना | 08 मई, 2026 राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्य कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार की नवनिर्वाचित एनडीए सरकार और मंत्रिमंडल विस्तार पर जमकर प्रहार किया। तेजस्वी यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली, परिवारवाद और युवाओं पर हो रहे लाठीचार्ज को लेकर कड़े सवाल खड़े किए।

​"परिवारवाद पर भाजपा और जदयू का दोहरा चरित्र"

​तेजस्वी यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कल हुए विस्तार में विकास का कोई विजन नहीं दिखा। उन्होंने सीधा हमला बोलते हुए कहा:

​"नीतीश जी ने परिवारवाद के नाम पर गठबंधन तोड़ा था, लेकिन कल उनके बेटे निशांत और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को बिना किसी सदन का सदस्य रहे मंत्री बना दिया गया। क्या अब भाजपा के लिए यह 'शहजादे' नहीं हैं? कैबिनेट में 17 मंत्री परिवारवादी हैं, जिनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे शामिल हैं।"

​उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के वर्तमान मुख्यमंत्री 'सिलेक्टेड' हैं और उन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। तेजस्वी ने तंज कसा कि आज सरकार में जो लोग भी ऊंचे पदों पर हैं, वे किसी न किसी रूप में 'लालू जी की पाठशाला' से ही निकले हैं।

​युवाओं को नौकरी के बदले लाठी

​TRE-4 (शिक्षक नियुक्ति) के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह सरकार का स्पष्ट संदेश है— "जो रोजगार मांगेगा, उस पर लाठी चलेगी।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी नीति अपना रही है।

​क्षेत्रीय और जातीय असंतुलन का आरोप

​मंत्रिमंडल की संरचना पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा:

​अति पिछड़ों की अनदेखी: नाई, नोनिया, चौरसिया, बेलदार और दांगी जैसी जातियों को प्रतिनिधित्व से वंचित रखा गया है।

​अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व: जहाँ राजद काल में 7-8 मुस्लिम मंत्री होते थे, वहीं एनडीए ने मात्र एक मुस्लिम मंत्री बनाकर अपनी सोच स्पष्ट कर दी है।

​महिला आरक्षण: 33% महिला भागीदारी की बात करने वाली भाजपा ने महिलाओं को उचित स्थान नहीं दिया और जो बनीं भी हैं, वे भी परिवारवाद की देन हैं।

​वरीयता की उपेक्षा: विजय सिन्हा जैसे वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में हाशिए पर धकेल दिया गया है।

​"हवाबाजी की सरकार, खजाना खाली"

​तेजस्वी यादव ने सरकार को 'नाम बदलने वाली सरकार' करार दिया। उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर, डेयरी और यहाँ तक कि मुख्यमंत्री आवास का विस्तार कर नाम बदले जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने सृजन घोटाला, बालिका गृह कांड और नीट परीक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए पूछा कि असली अभियुक्त अब तक क्यों नहीं पकड़े गए?

​प्रमुख उपस्थिति: इस संवाददाता सम्मेलन में राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, डॉ. तनवीर हसन, पूर्व मंत्री आलोक मेहता, शिवचन्द्र राम और मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि राजद चुप नहीं बैठेगा और जनता के मुद्दों, भ्रष्टाचार तथा बेरोजगारी के खिलाफ सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा। 

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