बिहार में नौकरी के बदले लाठी: TRE-4 अभ्यर्थियों पर बरसीं पुलिस की लाठियाँ, राजद का सरकार पर तीखा हमला!

 







पटना | 9 मई 2026

बिहार की राजनीति में एक बार फिर 'नौकरी और रोजगार' का मुद्दा गरमा गया है। शिक्षक बहाली (TRE 4) की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।

नौकरी मांगने पर लाठी और FIR: दमनकारी नीति का आरोप

बिहार प्रदेश राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को पुलिस ने 'दौड़ा-दौड़ा कर' पीटा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार 'नौकरी देने वाली' नहीं, बल्कि 'नौकरी छीनने वाली' सरकार बन गई है।

अहमद ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि:

गांधी मैदान थाना में 4 नामजद और लगभग 5000 अज्ञात छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर छात्रों को ऐसे तलाश रही है जैसे उन्होंने नौकरी मांगकर कोई 'बड़ा अपराध' कर दिया हो।

"नफरत की राजनीति बनाम रोजगार की नीति"

राजद प्रवक्ता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने 5 साल में 1 करोड़ नौकरियों का वादा तो किया, लेकिन हकीकत में वह शिक्षकों की बहाली को लेकर कतई गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को 'नफरत की राजनीति' में झोंककर उन्हें रोजगार से दूर रखना चाहती है। उनके अनुसार, बिहार में अब न्याय नहीं, बल्कि अन्याय का शासन है।

17 महीने बनाम वर्तमान शासन: तेजस्वी मॉडल का जिक्र

अपने बयान में एजाज अहमद ने तेजस्वी यादव के कार्यकाल की तुलना वर्तमान सरकार से की। उन्होंने मुख्य बिंदु साझा किए:

तेजस्वी यादव का कार्यकाल: महागठबंधन सरकार के 17 महीनों में करीब 2 लाख 17 हजार शिक्षकों की बहाली हुई और कुल साढ़े पांच लाख नौकरियां दी गईं।

सम्राट चौधरी का नेतृत्व: राजद का आरोप है कि वर्तमान सरकार युवाओं के चेहरों पर मुस्कुराहट के बजाय 'लाठी के प्रहार' और 'आंखों में आंसू' दे रही है।

"तेजस्वी जी ने नफरत के खिलाफ नौकरी और रोजगार की राजनीति की, जबकि मौजूदा सरकार युवाओं के भविष्य को पुलिसिया दमन के साये में कुचल रही है।" — एजाज अहमद (प्रदेश प्रवक्ता, राजद)

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