बेटी ने लिया संकल्प, पूरा हुआ मां का सपना – संघर्ष और अटूट विश्वास की प्रेरणादायक दास्तान।
सफलता किसी बड़े शहर या मँहगे संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह पक्के इरादों और सच्ची मेहनत से तय होती है। इस बात को सच कर दिखाया है बक्सर की गरिमा लोहिया ने, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2022 में देशभर में दूसरी रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी यह सफलता महज़ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी बेटी और माँ के अटूट संघर्ष, त्याग और विश्वास की मिसाल है जो हर किसी को प्रेरित करती है। पिता का साया उठने के बाद टूटा नहीं हौसला गरिमा मूल रूप से एक व्यावसायिक परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता मनोज लोहिया, जो थोक साड़ी के व्यवसाय से जुड़े थे, का वर्ष 2015 में निधन हो गया था। पिता की अचानक मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर की जिम्मेदारियों का स्वरूप बदल गया। ऐसे विकट और मुश्किल हालातों में उनकी माँ सुनीता देवी ने परिवार को संभाला और अपनी बेटी के हौसले को कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने अकेले ही अपने तीनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाई और गरिमा की हर कदम पर ढाल बनीं। माँ का सपना और बेटी का ...