पटना में 'सोनारू' ऑटो गैंग का भयंकर आतंक! अब कॉलेज की प्रध्यापिका को बनाया निशाना!
सुशासन के दावों की खुली पोल: पुलिस अधिकारी की बेटी ने सूझबूझ से बचाई जान, 6 महीने पहले भी इसी कॉलेज के कर्मी से हुई थी लूट की असफल प्रयास। पटना। बिहार की राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। सड़कों पर खुलेआम घूम रहे अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब शहर की पढ़ी-लिखी और संभ्रांत महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। पटना में 'ऑटो लिफ्टर और सोने की बिस्किट' दिखाने वाला एक शातिर गैंग बेखौफ होकर घूम रहा है, जिसे न तो खाकी का खौफ है और न ही कानून का डर। ताजा मामला एक कॉलेज की इतिहास विभाग की प्रध्यापिका (प्रोफेसर) से जुड़ा है, जो अपराधियों के एक सुनियोजित षड्यंत्र का शिकार होते-होते बाल-बाल बचीं। साजिश का जाल: 70 फीट से अनीसाबाद के बीच बुना गया जाल घटना के अनुसार, प्रध्यापिका सुबह करीब 10 बजे पटना बाईपास 70 फीट स्थित अपने घर से राम लखन सिंह यादव कॉलेज (अनीसाबाद) जाने के लिए निकली थीं। तभी एक ऑटो उनके पास आकर रुका और चालक ने उन्हें गंतव्य तक छोड़ने की बात कही। मैडम जैसे ही ऑटो में बैठीं, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों का खेल शुरू हो गया। तभी एक अन्य व्यक्...