माटी के लाल का राष्ट्रीय क्षितिज पर उदय: श्याम नंदन बने राष्ट्रीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष!
अदम्य साहस, निष्ठा और कर्मठता के पर्याय श्याम नंदन कुमार यादव को मिली तीन राज्यों की अतिरिक्त कमान; देश भर में हर्ष की लहर!
पटना, बिहार।
माटी की सौंध को अपनी रगों में समेटे, संघर्षों की भट्टी में तपकर कुंदन बने नायक श्री श्याम नंदन कुमार यादव (ग्राम- चौड़ा, खुसरूपुर, पटना) को राष्ट्रीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सचिन सरोहा द्वारा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के गरिमामयी पद पर मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन मात्र एक पद का हस्तांतरण नहीं, बल्कि उनके दीर्घकालीन सामाजिक-राजनैतिक तप, अटूट निष्ठा और अद्वितीय कार्यकुशलता को मिला एक राष्ट्रीय सम्मान है।
अदम्य साहस और जीवटता के प्रतिमान
श्याम नंदन बाबू का जीवन सादगी, अदम्य साहस और नेकदिली का एक अनुपम कोलाज है। वे जहाँ भी रहे, अपनी कर्मठता की अमिट छाप छोड़ी। उनकी इसी सांगठनिक प्रखरता और कृषक समाज के प्रति अनन्य अनुराग को देखते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन पर यह महती जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें न केवल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व मिला है, बल्कि उत्तर प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संगठन के विस्तार की कमान भी सौंपी गई है।
देश के कोने-कोने से उमड़ा बधाइयों का सैलाब
जैसे ही उनके मनोनयन की सूचना हवा के झोंकों की तरह फैली, संपूर्ण क्षेत्र में दीपोत्सव सा माहौल व्याप्त हो गया। उनके इस उत्कर्ष पर देश के विभिन्न राज्यों से बधाई देने वालों का ताँता लग गया है। इस हर्षोल्लास में अपनी शुभकामनाओं की आहुति देने वालों में प्रमुख हैं:
बिहार से: अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय सचिव चौधरी उत्तम सिंह बाल्यान, राजद के वरिष्ठ नेता सुभाष पोद्दार।
उत्तर प्रदेश से: रामनयन यादव, डॉ. विजय यादव।
ओडिशा से: संतोष गौड़ा, निर्मल जत्ती।
छत्तीसगढ़ से: पी. आर. यदु।
मध्य प्रदेश से: सुनील सिंह जाट, मनीष पटेल।
संगठन नेतृत्व: राष्ट्रीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सरोहा, मीडिया प्रभारी कुंतल जी, रूपेश कुंतल, पंकज सिंह, अप्लेंदु यादव, मोहम्मद कुदुस, दिलीप यादव (अधिवक्ता), सरोज देवी, परमिला सिंह, अर्जुन ठाकुर आदि ने अपनी असीम प्रसन्नता व्यक्त की है।
संकल्पबद्ध भविष्य: जल्द गूँजेगा नए नेतृत्व का शंखनाद
इस ऐतिहासिक अवसर पर नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम नंदन कुमार यादव ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि:
"किसान इस देश की आत्मा है। इस संगठन को राज्य की सीमाओं से परे ले जाकर हर अन्नदाता की आवाज बनाना मेरा परम ध्येय है।"
उन्होंने यह भी घोषणा की कि सांगठनिक सुदृढ़ता के लिए जल्द ही बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अत्यंत योग्य और कर्मठ 'प्रदेश अध्यक्षों' की नियुक्ति कर दी जाएगी, जिससे किसान क्रांति को एक नई दिशा और धार मिल सके।
उनके इस मनोनयन से यह पूर्ण विश्वास जागृत हुआ है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय किसान मोर्चा देश के कोने-कोने में शोषित और वंचित किसानों के हक की एक सशक्त मशाल बनकर उभरेगा।

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