किस्सा 'अहंकारी राजा' का: जब कविता बनी 'सियासी तूफान'!

   


 

​🎭 सीन 1: एक अदद राजा और उसका 'मौन' एकालाप

​एक था राजा... नहीं, दरअसल राजा एक नहीं था। हर पांच साल में एक नया राजा डिजिटल स्क्रीन पर अवतरित होता है, जिसके पास 56 इंच का सीना हो या न हो, पर 5G नेटवर्क और लाखों 'फॉलोअर्स' की सेना ज़रूर होती है।

​कहानी में ट्विस्ट तब आया जब एक मंझे हुए कलाकार (शेखर सुमन) ने सूट-बूट पहनकर, चेहरे पर दुनिया भर की गंभीरता समेटे हुए, एक 'अहंकारी राजा' पर कविता या एकालाप (Monologue) पढ़ दिया। उन्होंने नाम किसी का नहीं लिया! लेकिन हमारे लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत बात यही है कि यहाँ "लगा निशाना कहीं पे, घायल कोई और होता है।"

​📱 सीन 2: सोशल मीडिया का 'अदालत-ए-आलिया'

​जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट की गलियों में छूटा, वैसे ही राजनीतिक गलियारों में 'डिकोडिंग' की फैक्ट्री चालू हो गई।

​विपक्ष वाले उछल पड़े: "अरे! ये तो बिल्कुल उन्हीं की बात हो रही है! देखो, कुर्ता भी वैसा ही है और एटीट्यूड भी!"

​सत्ता पक्ष वाले भड़क गए: "ये हमारे 'प्रधान-सेवक' पर सीधा कटाक्ष है! राजा अहंकारी नहीं है, राजा तो बस थोड़ा सा सख्त है!"

​आज के परिप्रेक्ष्य में व्यंग्य यह है कि कलाकार ने शायद किसी पुरानी पंचतंत्र की कहानी से प्रेरणा ली हो, लेकिन आज की ट्रोल सेना इतनी समझदार है कि वह 'अहंकारी' शब्द का कॉपीराइट तुरंत एक विशेष चेहरे को सौंप देती है। आरोप लग गया कि यह "मोदी पर सटायर" है।

​🌪️ सीन 3: टीआरपी का तूफान और 'लाइक-शेयर' की राजनीति

"क्या राजा सच में अहंकारी है? क्या कलाकार का यह एकालाप देशद्रोह है? 

​आज के दौर में सच क्या है, इससे किसी को मतलब नहीं है। मतलब सिर्फ इस बात से है कि इस 'सटायर' को भुनाकर अपनी-अपनी राजनीतिक रोटियां कैसे सेंकी जाएं।

आज का कड़वा सच

​इस पूरे तमाशे का सबसे बड़ा व्यंग्य यही है कि आज के दौर में अगर कोई कलाकार यह भी कह दे कि "आसमान में काले बादल छाए हैं", तो आईटी सेल वाले तुरंत रिसर्च करने बैठ जाएंगे कि 'काले बादल' बोलकर कलाकार किस पार्टी की छतरी की तरफ इशारा कर रहा है।

राजा अहंकारी हो या न हो, लेकिन जनता को 'मनोरंजन' भरपूर मिलना चाहिए, और वह सोशल मीडिया के इस दौर में मुफ्त मिल रहा है!

Comments

Popular posts from this blog

अलविदा! एक जन-नेता का सफर हुआ पूरा: प्रोफेसर वसीमुल हक़ 'मुन्ना नेता' नहीं रहे !

एक परिवार की पुकार: रामलड्डू की सकुशल वापसी के लिए सरकार से गुहार !😢प्रो प्रसिद्ध कुमार।

एक गर्मजोशी भरा स्वागत: पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के नए कुलपति ने वित्त रहित शिक्षक महासंघ से की मुलाकात !-प्रो प्रसिद्ध कुमार।