योग: हमारी परंपरा की अमूल्य धरोहर – जमालुद्दीनचक में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस !
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। इसी संदेश को आत्मसात करते हुए, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दानापुर प्रखंड के जमालुद्दीनचक स्थित गोरगावां देवी मंदिर प्रांगण में एक विशेष सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
योग का संदेश: "करें योग, रहें निरोग"
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन-जन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें योग की प्राचीन भारतीय पद्धति से जोड़ना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता और रंगकर्मी नवाब आलम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
"प्राचीन काल से ही भारत में योग की शिक्षा दी जाती रही है। आज पूरा विश्व योग के माध्यम से भारत की ओर देख रहा है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य प्रदान करता है, बल्कि मानसिक शांति का भी सबसे प्रभावी माध्यम है।"
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हुआ योगाभ्यास
इस अवसर पर योगाचार्य हरेंद्र कुमार सिंह और देव कुमार अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। उन्होंने न केवल आसनों का प्रदर्शन किया, बल्कि प्रत्येक योगासन के स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
योग है अनुशासन और संयम का मार्ग
कार्यक्रम में पंचायत सचिव अभिषेक कुमार ने योग के दार्शनिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग 'बुद्धि, शुद्धि और सिद्धि' की त्रिवेणी है। उन्होंने बताया कि योग मनुष्य को संयमित और अनुशासित रहना सिखाता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
यह आयोजन सामुदायिक एकता और स्वास्थ्य जागरूकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बना। कार्यक्रम का सफल संचालन उप सरपंच विकास कुमार (पप्पू) द्वारा किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर ग्राम पंचायत की मुखिया अरुण देवी, सरपंच वंदना देवी, पैक्स अध्यक्ष, रूपेश कुमार, योगेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


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