राजनेताओं की जुबान और मिजाज मौसम से भी जल्द बदलता ! /प्रसिद्ध यादव।

      


मौसम का तो पूर्वानुमान भी मौसम वैज्ञानिक करते हैं लेकिन, राजनेताओं के मिजाज और जुबान के बारे में अभी तक कोई सटीक वैज्ञानिक नही हुआ है जो पूर्वानुमान बता दें।इसके वैज्ञानिक पत्रकार होते हैं, उन्हें अनुमान होता है लेकिन अब तो अखबार निकलने से पहले खबरें बिक जाती है और रह जाती है रद्दी की कागज।  टीवी चैनलों पर डिबेट प्रेप्लानिंग होती है।बिहार की सत्ता जैसे ही एनडीए से यूपीए में कन्वर्ट हुआ कि मंगलराज से जंगलराज हो गया ।कल तक सरकार की क़सीदे पढ़ने वाले अब आरोपों की झड़ी लगा रहे हैं।मीडिया में भी धड़ल्ले से ख़बर की टाईटल बन रहा है ' जंगलराज रिटर्न्स ' 'जंगलराज पार्ट 3 ' ।ये पुब्लिक है ,सब जानती है, समझती है।ये सत्ता जाने के बाद कि बेचैनी है और भविष्य में यहां से तंबू कबरने का संकेत है, आहट है।गुजरात में दुष्कर्म के आरोपियों को गुजरात सरकार न सिर्फ रिहा किया बल्कि उन्हें मिठाईयां खिलाई गयी,,अंगवस्त्र दिए गए। शाहनवाज हुसैन पर कौन सा मुकदमा दर्ज हुआ ,ये बताने की जरूरत नहीं है।मौसम हमारे मन, मिजाज और भावनाओं को प्रभावित करता है। जैसे अचानक तापमान गिरने से बच्चे, बूढ़े और शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति जुकाम, बुखार, निमोनिया आदि के शिकार हो जाते हैं। उसी तरह मन पर भी उदासी के बादल मौसम की देन है और खुशियों की बरखा भी मौसम का ही असर है। यहां भी सत्ता का असर है कि कुछ को वायरल बुख़ार, खाँसी, जुकाम हो गया है।ऐसे में अच्छे चिकित्सक की परामर्श की जरूरत है, क्योंकि जान है तो जहां है और जहां है तो राजयोग और सत्तासुख है।

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