तिरंगे में लपटे जवान को देख ..../ प्रसिद्ध यादव।
कौन दुश्मन हमर बेटा ला पटना में भोर में बइठल हलइ बाबू!.. अमरनाथ यादव की सिसकती आवाज़ .सबकी आंखों में आँसू.. तिरंगे में बेटे की शव, आर्मी श्रधांजलि,पुष्पांजलि अर्पित करते ..आज दानापुर रो रहा था। आर्मी बबलू अपने बेटा की अच्छी पढ़ाई के लिए पटना सेंट्रल स्कूल में नाम लिखवाकर सरहद की चौकीदारी करने अपनी भारत माँ की रक्षा करने के लिए सुबह पटना से पाटलिपुत्र स्टेशन से राजधानी पकड़कर गुवाहाटी जाने वाला था कि कंकड़बाग थाना के चिड़ियांतर पुल के पास सर में गोली मारकर सदा के लिए मौत की नींद में सुला दिया। इनके पिता अमरनाथ यादव राघोपुर दियारा क्षेत्र के हैँ, जो हमारे अभिन्न मित्र भी हैं अमरनाथ यादव के तीन पुत्र दो पुत्री है।सभी शादीशुदा है।आर्मी बबलू बड़ा था,इनके दो लड़के 12,10 है। 34 वर्षीय बबलू राघोपुर वैशाली जिला के चांदपुर गाँव के रहने वाले थे, जो तेजस्वी यादव का विधानसभा क्षेत्र है।इनका ससुराल बख्तियार पुर थाना के काला दियर है।अमरनाथ जी काफी हँसमुख और हास्य व्यंग्य व्यक्तित्व के हैं इनकी विशाल शरीर को देख हमलोग दारा सिंह कहते थे, लेकिन ऐसा पहाड़ टूटा की सदा के लिए आंखों में आंसू दे गया। अमरनाथ जी के आर्मी बबलू बड़ा बेटा थे ,जब इनके छोटे बेटा की शादी में हाजीपुर गये थे इनके परिवार से भेंट हुई थी और बबलू की मजबूत बॉडी देखकर लगता था कि सचमुच कोई आर्मी का जवान है। न जाने किस वहशी ने क्यों ऐसे रत्न को हमलोगों के बीच से छीन लिया ये सोच सोच कर लोग पागल हो रहे हैं। न किसी से कोई विवाद, न फसाद, न पटना में घर न द्वार ,न कोई पैसे वाले आखिर ये हत्या कैसे हो गई। या तो अपराधी गलतफहमी में किसी और क चक्कड़ में इनकी हत्या कर दी होगी या फिर कोई नजदीकी का हाथ हो सकता है जो पूरे इनके रूटीन को जानता होगा।यह जांच का बिषय है। ऐसे वीर सैनिक को विनम्र श्रद्धांजलि व कोटि कोटि नमन!😢

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