सूरत में दिखा भाजपा की असली सूरत ! लोकतंत्र खतरे में !- कोंग्रेस।

 

   



चंडीगढ़ में इसकी सूरत को पहले देश दुनिया देखा।
   सूरत से कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "तानाशाह की असली 'सूरत’ एक बार फिर देश के सामने है! जनता से अपना नेता चुनने का अधिकार छीन लेना बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को खत्म करने की तरफ बढ़ाया एक और कदम है."
राहुल ने लिखा, "मैं एक बार फिर कह रहा हूं -यह सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है, यह देश को बचाने का चुनाव है, संविधान की रक्षा का चुनाव है."
वहीं जयराम रमेश ने क्रोनोलॉजी समझाते हुए कहा कि लोकतंत्र खतरे में हैं.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "सूरत जिला चुनाव अधिकारी ने सूरत लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी नीलेश कुंभानी का नामांकन रद्द कर दिया है. कारण "तीन प्रस्तावकों के हस्ताक्षर के सत्यापन में खामी” बताई गई है."
"कुछ इसी तरह का कारण बताकर अधिकारियों ने सूरत से कांग्रेस के वैकल्पिक उम्मीदवार सुरेश पडसाला के नामांकन को ख़ारिज कर दिया. कांग्रेस पार्टी बिना उम्मीदवार के रह गई है."
"बीजेपी प्रत्याशी मुकेश दलाल को छोड़कर बाकी सभी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है."
"7 मई 2024 को मतदान से लगभग दो सप्ताह पहले ही 22 अप्रैल, 2024 को सूरत लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार को “निर्विरोध” जिता दिया गया."
"प्रधानमंत्री मोदी के अन्याय काल में एमएसएमई मालिकों और व्यवसायियों की परेशानियों एवं गुस्से को देखते हुए भाजपा इतनी बुरी तरह से डर गई है कि वह सूरत लोकसभा के "मैच को फ़िक्स" करने का प्रयास कर रही है. इस सीट को वे लोग 1984 के लोकसभा चुनाव के बाद से लगातार जीतते आ रहे हैं!"
"हमारे चुनाव, हमारा लोकतंत्र, बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान - सब कुछ भयंकर ख़तरे में हैं. मैं दोहरा रहा हूं - यह हमारे जीवन काल का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव है!"

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