विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के अवसर पर दुनिया, भारत और बिहार के जनसंख्या, घनत्व के आंकड़े ! -प्रो प्रसिद्ध कुमार, अर्थशास्त्र, विभाग।

    




विश्व:  वैश्विक जनसंख्या घनत्व \(16\) व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।  भारत: क्षेत्रफल 3.28 लाख वर्ग किमी है और घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।

बिहार: क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी है और घनत्व 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है। 

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर दुनिया, भारत और बिहार के जनसांख्यिकीय (demographic) आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण नीचे दिया गया है। इसमें आपके द्वारा दिए गए आंकड़ों के साथ-साथ साक्षरता, बेरोजगारी और जीवन प्रत्याशा (life expectancy) के महत्वपूर्ण संकेतकों को भी जोड़ा गया है।

1. मुख्य जनसांख्यिकीय आंकड़े: एक नजर में

क्षेत्र

कुल जनसंख्या

वार्षिक/दशकीय वृद्धि दर

जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किमी)

विश्व

~8.3 अरब

~0.83% (वार्षिक)

16

भारत

~1.43 अरब

0.8% - 1% (वार्षिक, घटती हुई)

382

बिहार

~14 करोड़ +

14.4% (दशकीय वृद्धि दर)

1,106

2. सामाजिक-आर्थिक संकेतक (साक्षरता, बेरोजगारी और जीवन प्रत्याशा)

विकास और मानव संसाधन की गुणवत्ता को समझने के लिए ये तीन संकेतक सबसे महत्वपूर्ण हैं:

साक्षरता दर (Literacy Rate)

विश्व: लगभग 86.7% वैश्विक आबादी साक्षर है।

भारत: राष्ट्रीय साक्षरता दर लगभग 77.7% (NSO सर्वेक्षण के अनुसार) है।

बिहार: बिहार में साक्षरता दर लगभग 61.8% (2011 जनगणना) से बढ़कर वर्तमान अनुमानों में ~70.9% के आसपास पहुंच रही है, फिर भी यह राष्ट्रीय औसत से पीछे है।

बेरोजगारी दर 

विश्व: अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार वैश्विक बेरोजगारी दर लगभग 4.9% के आसपास है।

भारत: पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार भारत की बेरोजगारी दर लगभग 3.2% से 4.1% के बीच (विभिन्न तिमाहियों में) बनी हुई है।

बिहार: बिहार में ढांचागत रोजगार की कमी के कारण बेरोजगारी और अल्प-रोजगार की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो लगभग 7% से 9% के बीच आंकी जाती है। यहां श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) भी काफी कम है।

जीवन प्रत्याशा 

विश्व: वैश्विक औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 73 वर्ष है।

भारत: भारत में एक औसत व्यक्ति की जीवन प्रत्याशा लगभग 67.2 वर्ष से 70 वर्ष के बीच है।

बिहार: स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के कारण बिहार की जीवन प्रत्याशा में बढ़ोतरी हुई है और यह लगभग 69.5 वर्ष (राष्ट्रीय औसत के बेहद करीब) है।






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