अमेरिका का वैश्विक प्रभाव और भविष्य की चुनौतियाँ!

   


​ अमेरिका प्रौद्योगिकी, वित्त और स्वास्थ्य सेवा में वैश्विक अग्रणी है। इसकी प्रति व्यक्ति जीडीपी ($94,000) वैश्विक औसत से 6 गुना अधिक है। इसकी समृद्धि का आधार सुदृढ़ प्रशासनिक संस्थान, प्राकृतिक संसाधन और प्रवासियों का स्वागत करने वाली संस्कृति है।

अमेरिका वैश्विक सैन्य खर्च का 35% खर्च करता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों (समुद्री रास्तों) की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। नाटो (NATO) और अन्य वैश्विक सुरक्षा ढांचे में इसकी भूमिका निर्णायक है।

अमेरिका 'होफस्टेड इंडिविजुअलिज्म' स्कोर में शीर्ष पर है, जो व्यक्तिगत उद्यमशीलता और अद्वितीय परोपकारी संस्कृति को बढ़ावा देता है। वहां के नागरिक सरकार पर निर्भर रहने के बजाय नागरिक संस्थाओं के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने में विश्वास रखते हैं।

अमेरिका के वर्तमान आर्थिक घाटे और वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी घटने (1960 के 40% से घटकर 27%) को लेकर चिंताएं हैं। स्ट्रॉस-हावे जनरेशनल थ्योरी के अनुसार, अमेरिका वर्तमान में एक ऐतिहासिक संकट के दौर से गुजर रहा है। हालांकि, अतीत की तरह, अमेरिका इस दौर से भी अधिक मजबूत होकर उभरेगा।

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