वित्त रहित आंदोलन के पुरोधा डॉ. राज किशोर शर्मा के असामयिक निधन से शिक्षा जगत स्तब्ध, मोर्चा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि!
पटना, 16 जुलाई 2026
बी. बी. एम. कॉलेज ओकरी, जहानाबाद के सम्मानित प्राचार्य डॉ. राज किशोर शर्मा के असामयिक और दुखद निधन पर पूरा शिक्षा जगत गहरे शोक में डूब गया है। उनके निधन से वित्त रहित शिक्षक-कर्मचारियों के अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले एक युग का अंत हो गया है।
इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए 'वित्त रहित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त मोर्चा' के अध्यक्षमंडल एवं सम्मानित सदस्यों— सर्वश्री राम विनेश्वर सिंह, जयनारायण सिंह मधु , शंभु कुमार सिंह , राय श्रीपाल सिंह और रामनरेश पांडेय— ने संयुक्त रूप से अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि डॉ. शर्मा का जाना केवल एक संस्था की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज की क्षति है।
मोर्चा कार्यालय में शोक सभा का आयोजन
डॉ. शर्मा की स्मृति और उनके योगदान को नमन करने के लिए आज पुनाईचक स्थित मोर्चा कार्यालय में एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस असीम दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।
आजीवन संघर्ष को समर्पित रहा जीवन
शोक सभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर डॉ. राज किशोर शर्मा के महान योगदानों को याद किया गया। प्रस्ताव में कहा गया:
"डॉ. राज किशोर शर्मा वित्त रहित आंदोलन के संस्थापक नेताओं में से एक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन वित्त रहित शिक्षाकर्मियों के मान-सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वे आजीवन संघर्षरत रहे।"
नेताओं ने अत्यंत भावुक शब्दों में कहा कि डॉ. शर्मा के आकस्मिक चले जाने से वित्त रहित आंदोलन के साथ-साथ संपूर्ण शिक्षा जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उनकी कमी हर कदम पर खलेगी और पूरा शिक्षा जगत आज इस दुखद घटना से मर्माहत है।

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