प्रो० श्यामल किशोर के निधन पर वित्त रहित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने व्यक्त किया गहरा शोक!

 





पटना । 

सामाजिक न्याय के पुरोधा, मधेपुरा स्थित कॉमर्स कॉलेज के संस्थापक प्रधानाचार्य तथा 'मंडल प्रकाशन' पत्रिका के संपादक प्रो० श्यामल किशोर (टेंगराहा, मधेपुरा) के निधन से शैक्षणिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर वित्त रहित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, बिहार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मधेपुरा और संपूर्ण बिहार में सामाजिक रूप से पिछड़े समाज के अधिकारों की आवाज़ उठाने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने में प्रो० श्यामल किशोर का योगदान अविस्मरणीय रहा है। वे जीवनपर्यंत मंडल विचारधारा के अग्रणी प्रणेता के रूप में सक्रिय रहे।

अध्यक्ष मंडल के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति और शोक व्यक्त

मोर्चा की आयोजित बैठक में अध्यक्ष मंडल के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने दिवंगत प्रो० श्यामल किशोर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी। शोक व्यक्त करने वाले प्रमुख सदस्यों में शामिल थे:

प्रो० रामबिनेश्वर सिंह

जयनारायण सिंह 'मधु'

विन्देश्वरी प्रसाद सिंह यादव

शंभु कुमार सिंह

रामनरेश पांडेय

"समाजवादी मूल्यों और शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति"

बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के नेताओं ने कहा कि प्रो० श्यामल किशोर केवल एक कुशल शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि एक प्रखर समाजवादी विचारधारा के वाहक थे। कॉमर्स कॉलेज, मधेपुरा की स्थापना कर उन्होंने क्षेत्र में उच्च शिक्षा की नींव मजबूत की, वहीं 'मंडल प्रकाशन' के माध्यम से समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के मुद्दों को मुखरता से समाज के सामने रखा।

संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने उनके निधन को बिहार के शिक्षा जगत, संघर्षशील कर्मचारियों और समाजवादी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। मोर्चा के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि!

– वित्त रहित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, बिहार। 

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