तिरंगे के रंग में रंगा पथ: देशभक्ति के ज्वार से गूंज उठा अनीसाबाद। - प्रो प्रसिद्ध कुमार।

   






15 अगस्त 2026 की एक देदीप्यमान दोपहर। राम लखन सिंह यादव कॉलेज का प्रांगण सुबह से ही एक अनोखी ऊर्जा और राष्ट्रीय स्वाभिमान के रंगों से सराबोर था। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के आह्वान पर आयोजित "हर घर तिरंगा - 2026" का यह महोत्सवी अवसर केवल एक सरकारी निर्देश भर नहीं था, बल्कि राम लखन सिंह यादव कॉलेज परिवार की आस्था और राष्ट्र-प्रेम का सजीव उत्सव बन गया था।

पूर्वाह्न के ठीक 11:30 बजे, जब कॉलेज प्रांगण से इस भव्य तिरंगा यात्रा का शुभारंभ हुआ, तो संपूर्ण परिवेश 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के प्रकंपित जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। हाथों में विशालकाय राष्ट्रध्वज थामे, अनुशासित कतारों में सधे हुए कदमों से ताल मिलाते एनसीसी (NCC) कैडेट्स का शौर्य और उत्साह देखते ही बनता था। चिलचिलाती धूप और गगन से बरसती तपिश भी उन युवा रणबांकुरों के बुलंद जज्बे को तनिक भी डिगा न सकी। उनके कदम-ताल में राष्ट्रीय अनुशासन की जो अनुगूंज थी, उसने मार्ग पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में देशप्रेम का स्पंदन भर दिया।

यह विजय यात्रा कॉलेज परिसर से निकलकर अनीसाबाद गोलंबर की ओर बढ़ी, जहाँ से पोस्ट ऑफिस मार्ग होते हुए चितकोहरा गोलंबर पर पहुँची। चितकोहरा गोलंबर पर बिहार लेनिन, अमर शहीद जगदेव बाबू की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। तत्पश्चात यात्रा लाल मंदिर मार्ग से होते हुए पुनः महाविद्यालय प्रांगण की ओर अग्रसर हुई।

पथ के दोनों ओर उमड़े जनसैलाब के लिए यह कोई सामान्य जुलूस नहीं, बल्कि एक मनमोहक और अलौकिक दृश्य था। आम दर्शक मंत्रमुग्ध होकर इस विहंगम दृश्य को निहार रहे थे; कई आँखें गर्व से नम थीं, तो कई हाथ अपने मोबाइलों में इस ऐतिहासिक क्षण को कैद करने के लिए आतुर थे। पूरा मार्ग देशभक्ति के तरानों से स्पंदित हो रहा था।

इस पूरे महाअभियान की अग्रिम पंक्ति में कॉलेज के मुख्य संरक्षक एवं प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद तथा उप-प्राचार्य प्रो. कुमारी संगीता अविचल भाव से डटे रहे, जिनका ओजस्वी नेतृत्व हर सदस्य के लिए प्रेरणापुंज बना हुआ था। वहीं, एनसीसी एवं एनएसएस (NSS) के संवाहकों के रूप में प्रो. दीक्षा श्री, प्रो. मनीष भारती तथा एनएसएस संयोजक प्रो. प्रसिद्ध कुमार पूरे जोश और खरोश से लबरेज़ दिखे। एनसीसी प्रमुख मुकेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में कैडेट्स का अनुशासन अनुकरणीय था।

जब यह यात्रा वापस कॉलेज परिसर में समाप्त हुई, तब तक अनीसाबाद की गलियों में देशभक्ति की एक ऐसी पावन धारा बह चुकी थी, जिसकी स्मृति प्रांगण के हर कण में चिरकाल तक अंकित रहेगी।

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