रामलखन सिंह यादव कॉलेज में बदलाव की बयार: सचिव डॉ. ब्रजभूषण प्रसाद सिंह ने किया गहन निरीक्षण, दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश ! -प्रो प्रसिद्ध कुमार।
अनिशाबाद स्थित रामलखन सिंह यादव कॉलेज में उस समय एक नया उत्साह देखने को मिला, जब कॉलेज के सचिव डॉ. ब्रजभूषण प्रसाद सिंह ने परिसर का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया, बल्कि शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
आधुनिक सुविधाओं का जायजा
निरीक्षण के दौरान सचिव महोदय ने कॉलेज में हाल ही में बने नए परिसरों का अवलोकन किया:
सेमिनार और प्राध्यापक हॉल: नए बने बड़े सेमिनार हॉल और एयर-कंडीशनर (AC) से सुसज्जित प्राध्यापक हॉल की व्यवस्था को देखा।
मॉडर्न परीक्षा नियंत्रण कक्ष: पूरी तरह से मॉडर्नाइज्ड और एसी युक्त परीक्षा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया।
माणिकचंद पुलिस ओपी: परिसर में बने नए पुलिस ओपी को देखकर उन्होंने काफी प्रसन्नता व्यक्त की।
अन्य सुविधाएं: उन्होंने कॉलेज के गार्डेन, प्रयोगशाला (Lab) और लाइब्रेरी का भी बारीकी से मुआयना किया।
शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन पर जोर
शिक्षकों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने नियमित कक्षाएं लेने और निरंतर अभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कई प्रेरक प्रसंग साझा किए।
अटेंडेंस रजिस्टर की जांच: उन्होंने प्राध्यापकों से छात्रों का अटेंडेंस रजिस्टर मांगा। इतिहास विभाग की प्राध्यापिका प्रो. कुमारी सुंदरम द्वारा हर सेमेस्टर का रजिस्टर दिखाए जाने पर उन्होंने उसका गहन अवलोकन किया।
अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा: कॉलेज के अनुशासन को लेकर उन्होंने विशेष रूप से चिंता व्यक्त की। उन्होंने चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों (चपरासी) तक को बुलाकर अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निभाने की सलाह दी।
श्रमदान का प्रेरक संदेश और निस्वार्थ सेवा
डॉ. सिंह ने बताया कि कॉलेज के हित में किसी भी कार्य को करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। अपने बीते दिनों का संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब वे रेलवे कॉलेज, हाजीपुर के प्राचार्य पद पर थे, तब उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर सफाई की थी, जिसके बाद सभी स्टाफ प्रेरित होकर काम में जुट गए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कॉलेज में भी वे सफाई या किसी काम से पीछे नहीं हटने वाले।
सबसे अनुकरणीय बात यह है कि सचिव के रूप में उनकी यह सेवा पूरी तरह अवैतनिक है। वे कॉलेज आने-जाने के लिए एक रुपया भी टीए (TA) या भत्ता नहीं लेते हैं। उनके नेतृत्व और ईमानदारी के कारण कॉलेज नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
गरिमापूर्ण उपस्थिति
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र प्रसाद और उप-प्राचार्य (Vice Principal) कुमारी संगीता ने सचिव महोदय का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में शिक्षक प्रतिनिधि प्रो. बी.डी. यादव, प्रो. अशोक यादव, प्रो. वीरेंद्र सिंह, प्रो. राजकिशोर प्रसाद सहित कॉलेज के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सचिव महोदय ने आश्वस्त किया कि वे जल्द ही पुनः कॉलेज का दौरा करेंगे और कर्मचारियों व शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। वास्तव में, ऐसे समर्पित शिक्षाविदों की बदौलत ही आज भी ज्ञान की भूमि सिंचित हो रही है।
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