श्रम अधिकारों व सामाजिक न्याय की चुनौतियाँ।

      


 पुराने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के निरस्त होने और नए औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 लागू होने के बाद श्रम अधिकारों का दायरा सिमटने का जोखिम है। नए कानूनों का ढांचा श्रमिकों को संरक्षण के दायरे से बाहर रखने की प्रवृत्ति दर्शाता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि न्यायपालिका और विधायिका संविधान के भाग IV में निहित सामाजिक न्याय के संकल्प को कमजोर न होने दें, बल्कि श्रमिकों के न्यूनतम अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

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