अपूरणीय क्षति: नहीं रहे संपतचक के लोकप्रिय राजद नेता नागेंद्र यादव !

    


संपतचक की माटी ने आज अपना एक सच्चा हितैषी, कुशल सामाजिक कार्यकर्ता और राजद का वरिष्ठ स्तंभ खो दिया। संपतचक प्रखंड के पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता नागेंद्र यादव जी का असमय निधन हम सभी के लिए अत्यंत पीड़ादायक और स्तब्ध कर देने वाली खबर है।

यह मनहूस समाचार सर्वप्रथम मुझे फुलवारी के अशोक यादव जी से मिला। जब मैंने इसकी पुष्टि के लिए उनसे पूछा, तो उन्होंने बताया कि फुलवारी के विधायक एवं पूर्व मंत्री श्याम रजक जी ने फोन पर इसकी जानकारी दी है। इसके बाद मन में एक अनहोनी की आशंका लिए जब कई अन्य मित्रों दिलीप यादव  से पड़ताल की, तो यह हृदयविदारक समाचार सत्य साबित हुआ। यद्यपि मेरे पास नागेंद्र जी का व्यक्तिगत फोन नंबर था, लेकिन इस दुखद घड़ी में उनसे या उनके परिवार से बात करने की मेरी हिम्मत ही नहीं बटोही जा सकी।

लगभग सत्तर वर्षीय नागेंद्र जी सहजता, सौम्यता और कुशल व्यवहार के प्रतिमूर्ति थे। वे दूर के रिश्ते में हमारे संबंधी तो थे ही, साथ ही एक आत्मीय मित्र और सच्चे शुभचिंतक भी थे। पूर्व मंत्री श्याम रजक जी के वे अत्यंत करीबी और विश्वसनीय सहयोगियों में से एक थे। ज्ञात हुआ कि लगभग दस दिन पूर्व एक बाइक दुर्घटना में उन्हें मामूली चोट आई थी, किंतु आज प्रातः करीब ग्यारह बजे अचानक घर पर ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें तुरंत पटना के फोर्ड अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था—रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली।

नागेंद्र जी न केवल एक कुशल किसान और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता थे, बल्कि एक दूरदर्शी पिता भी थे। उन्होंने अपने परिवार को बेहतर संस्कार और शिक्षा दी। उनके पुत्र मुंबई में इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं उनकी बेटियां भी सुखी परिवारों में ब्याही हैं—जिनमें से दानापुर रेलवे में कार्यरत इंजीनियर दामाद जी हमारे रिश्तेदार भी हैं।

संपतचक की राजनीति और समाज में नागेंद्र जी का जाना एक ऐसा शून्य पैदा कर गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। इससे पहले अरविंद यादव जी और सुरेश यादव जी का अचानक चले जाना आज भी हमें खलता है, और अब नागेंद्र जी का यूँ अचानक बिछड़ जाना इस क्षेत्र के लिए एक वज्राघात जैसा है। उनके निधन की खबर से न केवल संपतचक, बल्कि फुलवारी, पुनपुन, नौबतपुर और फतुहा का संपूर्ण इलाका शोक के गहरे बादलों में डूब गया है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार और प्रशंसकों को इस असह्य दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

ओम शांति! भावभीनी श्रद्धांजलि!

— प्रो. प्रसिद्ध कुमार।

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