पटरियों से उड़ान तक: जब एक शिक्षक दंपत्ति ने बदल दी बरौनी स्टेशन के बेसहारा बच्चों की तकदीर! -प्रो प्रसिद्ध कुमार।
बिहार के बरौनी रेलवे स्टेशन पर जहाँ ट्रेनों की आवाजाही और मुसाफिरों की हलचल रहती थी, वहीं पटरियों के किनारे जिंदगी से हारे मासूमों का एक दूसरा ही संसार था। भीख मांगना, बाल मजदूरी और नशे के दलदल में धंसते बचपन के बीच साल 2013 में उम्मीद की एक ऐसी किरण जगी, जिसने दर्जनों जिंदगियों का रुख मोड़ दिया।
यह कहानी है बेगूसराय के शिक्षक दंपत्ति अजीत कुमार और शबनम मधुकर की। अजीत जी खुद अपने बचपन में पटरियों पर संघर्ष का दौर देख चुके थे, इसलिए इन बच्चों का दर्द उनसे बेहतर कौन समझ सकता था? इसी दर्द ने उन्हें और उनकी पत्नी को इन बच्चों की जिंदगी संवारने का बीड़ा उठाने के लिए प्रेरित किया। इस मुहिम में उनके दोनों बेटों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया।
ममता की छांव और अनुशासन का संगम
यह अनोखी पाठशाला किसी आलीशान इमारत में नहीं, बल्कि खुले आसमान के नीचे पटरियों के किनारे चलती थी।
ममता का टिफिन: शबनम जी हर सुबह दर्जनों बच्चों के लिए खुद अपने हाथों से खाना बनाकर लाती थीं, ताकि कोई भी बच्चा भूखे पेट पढ़ाई न करे।
अनुशासन की नींव: अजीत जी बच्चों को अनुशासन के साथ शिक्षा का पाठ पढ़ाते थे।
इस दुलार और सख्ती का ही नतीजा था कि जिन मासूम हाथों में कभी कचरा और नशे के सामान हुआ करते थे, उनमें कलम और किताबें सज गईं। बुधनी, दिलों, राजा, गोविंदा, नूर आलम और राजधानी जैसे बच्चे—जो कभी भटक चुके थे—मुख्यधारा से जुड़े ही नहीं, बल्कि खेल और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बनाने लगे।
संघर्ष, प्रशासनिक बदलाव और महामारी का दौर
शुरुआत में रेलवे और स्थानीय प्रशासन की तरफ से कड़ा विरोध झेलना पड़ा, लेकिन जब अधिकारियों ने बच्चों के आचरण और पढ़ाई में बदलाव देखा, तो वे विरोध छोड़कर इस मुहिम के प्रशंसक बन गए।
हालाँकि, संसाधनों की तंगी और अंततः 2021 में आई कोरोना महामारी की विभीषिका के कारण इस मिशन को रोकना पड़ा।
शिक्षा का असली अर्थ
आज भले ही पटरियों की वह पाठशाला बंद हो चुकी हो, लेकिन अजीत कुमार और उनके परिवार का यह प्रयास शिक्षक समाज के लिए एक अमर मिसाल है। यह कहानी सिखाती है कि सच्ची शिक्षा केवल डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि टूटी हुई जिंदगियों को जोड़कर उन्हें नई उड़ान देना है।
#SikshaKaDeep #BarauniRailwayStation #InspiringStory #BiharTeachers #RealHeroes #EducationForChange #NgoIndia #TeachersDay #InspiringJourneys #BarauniNews

Comments
Post a Comment