खगौल में ‘अस्सी नब्बे पूरे सौ’ कविता संग्रह का हुआ लोकार्पण।

  

 



आर्यभट निकेतन में कवयित्री पूर्वी श्रीवास्तव की पुस्तक का विमोचन, वरिष्ठ रंगकर्मी  व पत्रकारों ने रचनात्मक पहल को सराहा। 

खगौल। आर्यभट निकेतन स्कूल के सभागार में कवयित्री पूर्वी श्रीवास्तव के कविता संग्रह ‘अस्सी नब्बे पूरे सौ’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी नवाब आलम ने खगौल की साहित्यिक व सांस्कृतिक परंपरा को रेखांकित करते हुए कवयित्री को बधाई दी।

"‘अस्सी नब्बे पूरे सौ’ का प्रकाशन खगौल की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत की परंपरा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।"

— नवाब आलम, वरिष्ठ रंगकर्मी

समारोह के प्रमुख बिंदु:

संयुक्त विमोचन: पुस्तक का विमोचन विद्यालय के निदेशक सत्यकाम सहाय, प्राचार्य विभा सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मधुकर एवं वरिष्ठ रंगकर्मी नवाब आलम ने संयुक्त रूप से किया।

पूर्व छात्रा की उपलब्धि पर गर्व: विद्यालय के निदेशक सत्यकाम सहाय ने कहा कि पूर्वी श्रीवास्तव इसी विद्यालय की छात्रा रही हैं और उनका यह प्रयास विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।

संवेदनशील मन ही गढ़ता है कविता: विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा करते हुए पूर्वी श्रीवास्तव ने कहा कि कविता लिखने के लिए केवल शब्दों का ज्ञान पर्याप्त नहीं, बल्कि एक संवेदनशील मन और विचारशील दृष्टि की आवश्यकता होती है।

बेटियों की साहित्यिक पहल: वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मधुकर ने लेखन क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी को सराहते हुए इसे खगौल में नई साहित्यिक परंपरा की नींव बताया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुमुद ने किया तथा शिक्षिका अंजली कुमारी एवं शिक्षक अंकित झा ने पुस्तक पर विशेष प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कवयित्री के पति आलोक कुमार सिन्हा, शिक्षिका मीना कुमारी, अंजली प्रिया, रजत कुमार, चंद्रशेखर भगत, संजय पांडे, शोएब कुरैशी समेत शहर के कई गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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