ईरान के राष्ट्रपति और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (नई दिल्ली) के इतर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मुलाकात की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शत्रुता को कम करने ('de-escalation') के महत्व पर जोर दिया।
यह बातचीत ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दस दिन बाद हुई। शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाए गए 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में पश्चिम एशिया के बहुविध संघर्षों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
फिलिस्तीन और लेबनान पर रुख: घोषणापत्र में इज़राइल से लेबनान से अपनी सेना वापस बुलाने, फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन को रोकने और गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही, 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीन राज्य के गठन का समर्थन किया गया।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिम एशिया को संयुक्त राज्य अमेरिका की आवश्यकता नहीं है, और क्षेत्र की क्षेत्रीय अखंडता की गारंटी केवल इसके मुख्य खिलाड़ियों द्वारा दी जा सकती है। इस बैठक में आपसी हित के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

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