बिहार की शिक्षा और शिक्षकों के अधिकार: दशा, दिशा और संघर्ष । - प्रो० (डॉ०) अशोक कुमार यादव
बिहार की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ सुधार, पारदर्शिता और शिक्षकों के मान-सम्मान की मांग सबसे ऊपर है। राज्य के नियोजित, वित्त रहित, अल्पसंख्यक विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की समस्याएं लंबे समय से बहस का केंद्र बनी हुई हैं। इन सभी मुद्दों को मुखरता से उठाने और शिक्षा जगत में सुधार लाने के उद्देश्य से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के उम्मीदवार प्रो० (डॉ०) अशोक कुमार यादव ने एक व्यापक वैचारिक और संघर्षशील एजेंडा प्रस्तुत किया है।
शिक्षक वर्ग की प्रमुख चुनौतियाँ और माँगें
वर्तमान समय में शिक्षकों के समक्ष कई गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियाँ हैं। प्रो० अशोक कुमार यादव के घोषणापत्र और विजन के अनुसार, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है:
वेतनमान, सेवा शर्त एवं अनुदान: शिक्षकों के लिए सम्मानजनक वेतनमान, स्पष्ट सेवा शर्तें और वित्त रहित संस्थानों के लिए अनुदान की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करना।
स्थाई नियुक्ति: विद्यालयों और महाविद्यालयों में खाली पड़े सभी पदों पर पारदर्शी और स्थाई नियुक्तियाँ की जानी चाहिए।
समान काम के लिए समान वेतन: समान कार्य के लिए समान वेतन के लोकतांत्रिक अधिकार को लागू करने के संघर्ष को और तेज करना।
सेवानिवृत्ति की आयु सीमा: शिक्षकों के अवकाश की आयु सीमा को बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाना चाहिए।
पुरानी पेंशन योजना (OPS): सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू कराना।
नई शिक्षा नीति का विरोध और समान शिक्षा प्रणाली: वर्तमान नई शिक्षा नीति की वापसी तथा राज्य में 'समान शिक्षा प्रणाली' लागू करने के लिए संघर्ष को गति देना।
भ्रष्टाचारमुक्त और जनपक्षीय शिक्षा प्रणाली का संकल्प
शिक्षा के क्षेत्र में भ्रष्टाचार, बिचौलियों की दखलअंदाजी और प्रशासनिक अनियमितताओं को समाप्त करना आज की सबसे बड़ी अनिवार्यता है। प्रो० अशोक कुमार यादव का यह आह्वान है कि शिक्षकों के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए सदन (विधान परिषद) में उनकी आवाज को पूरी बुलंदी से उठाया जाए।
अपील
शिक्षक समाज के निर्माता हैं, और यदि निर्माता ही संकट में हों, तो सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षक साथियों से यह अपील की गई है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा, भ्रष्टाचार के खात्मे और एक बेहतर शैक्षणिक भविष्य के लिए प्रो० (डॉ०) अशोक कुमार यादव को अपना समर्थन दें और भारी मतों से विजयी बनाएं।

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