बिहार में नदियां उफान पर: जलस्तर, खतरे के निशान और अनुमंडल अलर्ट रिपोर्ट । (स्रोत मॉसम विज्ञान व अन्य न्यूज़ एजेंसि)

  



नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और मैदानी भागों में हुई बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) और बिहार जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा, गंडक, कोसी, सोन और पुनपुन नदियां कई स्थानों पर खतरे के मानक स्तर को पार कर चुकी हैं।  

नदियों की वर्तमान स्थिति एवं जलस्तर वृद्धि  

नदी का नाम

खतरे के निशान से ऊपर वाले प्रमुख स्थल

जलस्तर की प्रवृत्ति (Trend)

गंगा

पटना (दीघा, गांधीघाट, हाथीदह), भागलपुर (कहलगांव, सुल्तानगंज)

बढ़ने की संभावना

गंडक

डुमरियाघाट (गोपालगंज), लालगंज (वैशाली)

स्थिर/धीमी वृद्धि

कोसी

बलतारा (खगड़िया), कुरसेला (कटिहार), बीरपुर (सुपौल)

बढ़ने की संभावना

सोन

मनेर (पटना)

बढ़ने की संभावना

पुनपुन

श्रीपालपुर (पटना), किंजर (अरवल)

बढ़ने की संभावना

दरधा और मोरहर

जहानाबाद और पटना के ग्रामीण निचले इलाके

चेतावनी स्तर पर / वृद्धि


प्रमुख नदियों का विस्तृत विश्लेषण

गंगा नदी: पटना के दीघाघाट, गांधीघाट और हाथीदह में खतरे के निशान से ऊपर है। भागलपुर और कहलगांव में भी नदी खतरे के स्तर को पार कर चुकी है। पीछे से आ रहे पानी के कारण गंगा के जलस्तर में अगले 24 से 48 घंटों तक और वृद्धि होने की पूरी संभावना है।  

गंडक नदी: वाल्मीकिनगर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गोपालगंज के डुमरियाघाट और वैशाली के लालगंज में गंडक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पश्चिमी चंपारण, सारण और गोपालगंज के निचले इलाकों में दबाव बना हुआ है।  

कोसी नदी: नेपाल से भारी डिस्चार्ज के बाद सुपौल, खगड़िया (बलतारा) और कटिहार (कुरसेला) में कोसी खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है।  

सोन नदी: इंद्रपुरी बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद पटना के मनेर क्षेत्र में सोन नदी खतरे के निशान को पार कर गई है और जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

पुनपुन, दरधा और मोरहर: अरवल (किंजर) और पटना (श्रीपालपुर) में पुनपुन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके प्रभाव से इसकी सहायक पहाड़ी नदियां—दरधा और मोरहर भी उफान पर हैं, जिससे जहानाबाद और पटना के मसौढ़ी/धनरूआ क्षेत्रों में जलभराव का खतरा है।

उच्च अलर्ट वाले प्रमुख अनुमंडल (Sub-divisions)

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निम्नलिखित अनुमंडलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है:  

पटना जिला: पटना सदर, दानापुर, बाढ़ और मसौढ़ी अनुमंडल।  

पश्चिम व पूर्वी चंपारण: बगहा, बेतिया सदर, रक्सौल और चकिया अनुमंडल।  

गोपालगंज व सारण: गोपालगंज सदर, हथुआ और छपरा सदर अनुमंडल।  

वैशाली: हाजीपुर और लालगंज क्षेत्र।  

सुपौल, सहरसा व खगड़िया: वीरपुर, सुपौल सदर, सिमरी बख्तियारपुर और खगड़िया सदर अनुमंडल।

कटिहार व भागलपुर: कटिहार सदर, कुरसेला, भागलपुर सदर और कहलगांव अनुमंडल।

जलस्तर बढ़ने की संभावना एवं प्रशासनिक सलाह  

मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:

अगले 24-72 घंटे संवेदनशील: नेपाल के कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार बारिश से उत्तरी बिहार की नदियों में पानी का दबाव बना रहेगा।

गंगा में दबाव: सोन और गंडक का पानी गंगा में मिलने से पटना से लेकर भागलपुर तक गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होगी।  

तटबंधों पर निगरानी: NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया गया है और तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।  

सलाह: तटबंधों और नदियों के निचले इलाकों (दियरा क्षेत्रों) में रहने वाले लोग सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।







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