*नवोदित कलाकारों को अभिनय का गुर सिखा रहा ‘सूत्रधार’*
*युवा रंगकर्मी सीख रहे कला के गुर*
*नाट्य कार्यशाला में युवा रंगकर्मियों ने सीखी रंगमंच की बारीकियां*
खगौल। एक अच्छा रंगकर्मी वही होता है, जो मंच पर खुद को पूरी तरह पात्र में ढाल लेता है। नाट्य संस्था सूत्रधार द्वारा देवी स्थान, बड़ी खगौल स्थित सामुदायिक भवन में चल रही 30 दिवसीय रंगमंच कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय की बारीकी सिखाने के दौरान रंगमंच विशेषज्ञ नवाब आलम ने ये बात कही। वरिष्ठ निर्देशक नवाब आलम ने प्रतिभागियों को मंच संचालन, संवाद अदायगी, भाव-भंगिमा और रंगमंच की तकनीक की जानकारी दी। कार्यशाला संयोजक प्रो. प्रसिद्ध यादव ने रंगमंच के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि रंगमंच केवल कला नहीं, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता को भी निखारता है। उन्होंने नाटक की संरचना, संवाद लेखन और पात्र निर्माण पर भी संवाद किया। कार्यशाला में अमित रॉय, प्रियंका सिंह, कमल राज, अमन कुमार, हर्ष कुमार, गार्गी चौधरी, अनिशा, आसिफ हसन, सऊद आलम, लवकुश कुमार, अभिजीत कुमार सहित कई युवा रंगकर्मी भाग ले रहे हैं और अभिनय कौशल में सुधार कर रहे हैं। संस्था के महासचिव ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य नए कलाकारों को प्रशिक्षित करना और उन्हें मंच तक लाना है। यह युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है, जिसमें वह रंगमंच की मूल बातें सीखकर बेहतर रंगकर्मी बन सकते हैं। यह कार्यशाला अभिनय की समझ के साथ युवाओं को एक रचनात्मक मंच भी दे रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तुतिपरक नाट्य कार्यशाला में पद्मश्री के.पी. सक्सेना लिखित हास्य नाटक "गज फुट इंच" की तैयारी चल रही है जिसकी प्रस्तुति 14 सितंबर (सोमवार) को संध्या 6:45 बजे, प्रेमचंद रंगशाला, राजेंद्र नगर, पटना में निर्धारित है।


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