इम्पा वित्तीय अनियमितता विवाद: एनसीएलएटी ने खारिज की याचिकाएं, सदस्यों के निलंबन पर उठे सवाल।
भारतीय मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के पदाधिकारियों द्वारा कान फिल्म फेस्टिवल की यात्रा और वित्तीय खर्चों में कथित अनियमितता का मामला राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) पहुँच गया है। एनसीएलएटी ने इम्पा की अपीलें खारिज करते हुए सदस्यों की याचिका पर सुनवाई की छूट को बरकरार रखा है।
मुख्य बिंदु:
एनसीएलएटी का फैसला: नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ ने 30 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए एनसीएलटी मुंबई पीठ के 8 जुलाई 2026 के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
प्रमुख आरोप: याचिकाकर्ताओं (संजीव कुमार सिंह, प्रदीप सिंह, रोशन सिंह और रत्नाकर कुमार) का आरोप है कि कान फिल्म समारोह में तय सीमा (2 प्रतिनिधि) के विपरीत 32 प्रतिनिधियों का खर्च संस्था के फंड से उठाया गया।
अन्य वित्तीय मामले: बिना पूर्व स्वीकृति के अंतरराष्ट्रीय संघ की सदस्यता के लिए 12.50 लाख रुपये खर्च करना, 'चंद्रगुप्त बिल्डिंग' परियोजना के लिए अनधिकृत उधारी और यात्रा-विज्ञापन खर्चों में अस्पष्ट बढ़ोतरी शामिल है।
सदस्यों का निलंबन: एनसीएलटी ने वित्तीय कुप्रबंधन और असहमति जताने वाले सदस्यों के निलंबन को प्रथमदृष्टया संस्था के नियमों (आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन) के विपरीत माना है।
सदस्यता संख्या विवाद: इम्पा के 26,000 कुल सदस्यों और 1,250 पात्र मतदाताओं के दावे के उलट, एनसीएलएटी ने 1 अप्रैल 2022 की मतदाता सूची (977 मतदाता) को आधार मानते हुए 209 सदस्यों की सहमति को वैध ठहराया।
अध्यक्ष की प्रतिक्रिया: इस पूरे विवाद पर इम्पा अध्यक्ष अभय कुमार सिन्हा की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
#IMPPA #NCLT #AbhaySinha #SantoshKumarSingh #FilmIndustry #NCLAT

Comments
Post a Comment