नेउरा-जटडुमरी नई रेल लाइन को मिली सीआरएस की मंजूरी: पटना को बाईपास कर किउल तक आसान होगा मालगाड़ियों का सफर!
दिनांक: 13 अक्टूबर 2026
स्थान: हाजीपुर / पटना
भारतीय रेलवे ने बिहार में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। दानापुर मंडल के अंतर्गत आने वाली महत्वपूर्ण नेउरा-जटडुमरी नई रेल लाइन पर अब ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा इस खंड पर ट्रेन संचालन की औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
सफल निरीक्षण और स्पीड ट्रायल: रेल संरक्षा आयुक्त ने गत 08 अक्टूबर 2026 को 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जटडुमरी नए रेलखंड का बारीकी से निरीक्षण किया था। इस दौरान सुरक्षा मानकों को परखते हुए 120 किमी/घंटा की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया था।
परियोजना का दायरा: यह पूरा हिस्सा 42 किमी लंबी नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है।
चरणबद्ध विकास:
प्रथम चरण: 22.74 किमी लंबे जटडुमरी से दनियावां तक का काम पहले ही पूरा हो चुका है और वहां ट्रेनों का संचालन जारी है।
द्वितीय चरण: अब शेष बचे 20 किमी लंबे जटडुमरी से नेउरा तक के कार्य के पूर्ण होने के बाद सीआरएस की हरी झंडी मिल गई है।
इस नई लाइन से क्या होगा बड़ा फायदा?
इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरी तरह से धरातल पर उतरने से रेलवे और यात्रियों को कई बड़े लाभ मिलेंगे:
पटना पर घटेगा दबाव: अब मालगाड़ियों को सीधे पटना जंक्शन या मुख्य शहर के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ट्रेनें पटना को बाईपास करते हुए नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा-किउल के वैकल्पिक मार्ग से आसानी से आ-जा सकेंगी।
मुख्य लाइन होगी डिकंजेस्टेड: दानापुर-पटना-किउल-झाझा मुख्य रेल लाइन पर मालगाड़ियों का अतिरिक्त बोझ कम होगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक समयबद्ध हो सकेगी।
नई पैसेंजर ट्रेनों के लिए मार्ग: मुख्य लाइन पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से भविष्य में इस रूट पर नई पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के लिए भी नए रास्ते और स्लॉट उपलब्ध हो सकेंगे।
रेल प्रशासन का यह कदम बिहार में माल ढुलाई को सुगम बनाने के साथ-साथ पैसेंजर ट्रैफिक को भी राहत देने वाला साबित होगा।
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