वैश्विक कार्बन गठबंधन (OCCCM) में भारत की भागीदारी क्यों ज़रूरी है?


 

500 से अधिक भारतीय कंपन्यां अपने कार्बन उत्सर्जन का विवरण रिपोर्ट कर रही हैं और भारत में 'कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम' (CCTS) लागू हो रही है।   

यूरोपीय संघ के CBAM जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्बन करों और व्यापारिक नियमों से निपटने के लिए भारत को 'ओपन गठबंधन ऑन कम्प्लायंस कार्बन मार्केट्स' (OCCCM) में शामिल होना चाहिए।  

वैश्विक कार्बन गठबंधन में शामिल होने से भारत को अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्धारण में अपनी आवाज़ उठाने और जलवायु वित्तीय अवसरों का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।   

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